उत्तराखंड में एक बार फिर पेपर लीक
देहरादून: उत्तराखंड में एक बार फिर पेपर लीक का बड़ा मामला सामने आया है। इस बार वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (VMSB-UTU) की बीटेक सेमेस्टर परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। मामले की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।
📱 WhatsApp पर लीक हुए थे सवाल
जानकारी के मुताबिक, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, झाझरा के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता इस परीक्षा के लिए पेपर सेटर (प्रश्नपत्र तैयार करने वाले) थे। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले ही मिलते-जुलते महत्वपूर्ण सवाल एक कॉलेज के WhatsApp ग्रुप में छात्रों के साथ साझा कर दिए थे। एक गुमनाम ई-मेल के जरिए इस गड़बड़ी की शिकायत सामने आई थी। जब विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने प्रश्नपत्रों का मिलान किया, तो आरोपों को सच पाया गया। 

ये परीक्षाएं हुईं रद्द, 12 कॉलेजों के छात्र प्रभावित
यूनिवर्सिटी ने बीटेक थर्ड ईयर सेकंड सेमेस्टर (सत्र 2025-26) के इन दो विषयों की परीक्षाएं रद्द की हैं
- मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Machine Learning for IoT)
- इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी (Electromagnetic Field Theory)
इस फैसले से राज्य के 12 इंजीनियरिंग संस्थानों के हजारों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया है और उन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह दोबारा परीक्षाएं अगस्त के तीसरे हफ्ते में आयोजित की जाएंगी।
👮 आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तार, 7 साल का बैन
देहरादून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही UTU प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर पर 7 वर्षों तक परीक्षा संबंधी सभी कार्यों में भाग लेने पर प्रतिबंध (बैन) लगा दिया है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
सीएम धामी का बयान: “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
इस मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। चाहे सरकारी भर्ती हो या विश्वविद्यालय की परीक्षा, गोपनीयता भंग करने वाले किसी भी नकल माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।” [1]
दूसरी तरफ, इस घटना को लेकर छात्रों और छात्र संगठनों (NSUI) में भारी आक्रोश है और उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
