”गौरीकुंड” यहीं कटे सिर से जीवित हुए थे गजानन
विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा इन दिनों अपने चरम पर है। इस महायात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ‘गौरीकुंड‘ है, जो समुद्र तल से 1,981 मीटर की ऊंचाई…
विश्व प्रसिद्ध बाबा केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा इन दिनों अपने चरम पर है। इस महायात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ‘गौरीकुंड‘ है, जो समुद्र तल से 1,981 मीटर की ऊंचाई…
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) का इतिहास 100 साल से भी अधिक पुराना और बेहद गौरवशाली है। न्यूज पोर्टल के लिए इसका ऐतिहासिक बैकग्राउंड (Historical Background) नीचे दिए गए पॉइंट्स के आधार…
उत्तराखंड की देवभूमि अपनी समृद्ध संस्कृति और अनोखी परंपराओं के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। यहाँ के हर रीति-रिवाज में प्रकृति के प्रति सम्मान और मानवीय संवेदनाओं का…
अलकनंदा नदी के पावन तट पर बसा श्रीनगर शहर केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सभ्यता और संस्कृति का जीवंत दस्तावेज है। 1515 में राजा अजयपाल द्वारा स्थापित…
देवभूमि के पहाड़ आज एक ऐसी चुनौती से जूझ रहे हैं जिसने सदियों पुरानी परंपरा और जीवन को खतरे में डाल दिया है। कभी गांव-गांव की प्यास बुझाने वाले मंगरा और धारे अब इतिहास…
कल्पना कीजिए, एक राजा आदेश देता है कि आपके गांव को या तो भारी टैक्स देना होगा या हर महीने एक ‘नर-बली’ (Human Sacrifice)। जब पूरा गांव डर से कांप…
उत्तराखंड की संस्कृति में ‘रोटना और अरसा’ केवल पकवान नहीं, बल्कि खुशियों और परंपराओं के प्रतीक हैं। 1. अरसा (Arsa) – “पहाड़ों का राजकीय मीठा” अरसा उत्तराखंड की सबसे लोकप्रिय पारंपरिक…
उत्तराखंड की देवभूमि में, चमोली जिले के गोचर में, अलकनंदा नदी के तट पर आज से ऐतिहासिक गोचर मेला का भव्य शुभारंभ हो गया है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर…
कभी उत्तराखंड के हर गाँव की पहचान रही जांदरे की घरघराहट अब धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में सिमटती जा रही है। पत्थर की यह पारंपरिक चक्की, जिसने सदियों तक पहाड़ी…
उत्तराखंड, जहां एक ओर देश-दुनिया में महाभारत के प्रसंगों का मंचन एक कला और प्रदर्शन के रूप में किया जाता है, वहीं देवभूमि उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में सदियों पुरानी…