प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बना ऋषिकेश का कौड़ियाला
भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी से दूर अगर आप शांत वादियों, हरे-भरे पहाड़ों और नदी के कलकल संगीत के बीच कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कौड़ियाला (Kaudiyala) इन दिनों देश के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों के रूप में उभर रहा है। गढ़वाल हिमालय की गोद में बसा यह छोटा सा इलाका अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
ऋषिकेश से मात्र 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कौड़ियाला में गंगा नदी पहाड़ों को चीरती हुई बेहद खूबसूरत मोड़ लेती है। यहाँ नदी की दुधिया और उफनती लहरें सफेद झाग पैदा करती हैं, जिसे देखना अपने आप में एक जादुई अनुभव है। नदी के किनारों पर फैली सफेद महीन रेत (White Sand) पर्यटकों को गोवा के समुद्र तटों जैसा अहसास कराती है, जहां बैठकर लोग उगते और डूबते सूरज के विहंगम दृश्यों को कैमरे में कैद कर रहे हैं।
इको-टूरिज्म और कैंपिंग का बढ़ रहा क्रेज
प्रकृति प्रेमियों के लिए कौड़ियाला किसी स्वर्ग से कम नहीं है। घने देवदार और ओक के जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में प्रदूषण नाममात्र को भी नहीं है। यही वजह है कि वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पंजाब से बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी यहाँ पहुँच रहे हैं। रात के समय प्रदूषण मुक्त आसमान में ‘स्टारगेजिंग’ (तारों को देखना) और पहाड़ों के बीच टेंट (कैंपिंग) में रहकर बोनफायर का आनंद लेना युवाओं की पहली पसंद बन गया है।
प्रकृति प्रेमियों के लिए कौड़ियाला किसी स्वर्ग से कम नहीं है। घने देवदार और ओक के जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में प्रदूषण नाममात्र को भी नहीं है। यही वजह है कि वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पंजाब से बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी यहाँ पहुँच रहे हैं। रात के समय प्रदूषण मुक्त आसमान में ‘स्टारगेजिंग’ (तारों को देखना) और पहाड़ों के बीच टेंट (कैंपिंग) में रहकर बोनफायर का आनंद लेना युवाओं की पहली पसंद बन गया है।
साहसिक खेलों के साथ प्रकृति का दीदार
कौड़ियाला को भारत में ‘वाइट वॉटर राफ्टिंग’ के सबसे ऊंचे ग्रेड (Grade 4+) के लिए जाना जाता है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल गंगा की रोमांचक लहरों से मुकाबला करते हैं, बल्कि राफ्टिंग के दौरान आसपास के घने जंगलों और पहाड़ों के अद्भुत नजारों का भी लुत्फ उठाते हैं। पक्षी प्रेमियों (Bird Watchers) के लिए भी यह जगह बेहद खास है, जहाँ दुर्लभ प्रजातियों के पहाड़ी पक्षियों की चहचहाहट पूरे वातावरण को संगीतमय बना देती है।
कौड़ियाला को भारत में ‘वाइट वॉटर राफ्टिंग’ के सबसे ऊंचे ग्रेड (Grade 4+) के लिए जाना जाता है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल गंगा की रोमांचक लहरों से मुकाबला करते हैं, बल्कि राफ्टिंग के दौरान आसपास के घने जंगलों और पहाड़ों के अद्भुत नजारों का भी लुत्फ उठाते हैं। पक्षी प्रेमियों (Bird Watchers) के लिए भी यह जगह बेहद खास है, जहाँ दुर्लभ प्रजातियों के पहाड़ी पक्षियों की चहचहाहट पूरे वातावरण को संगीतमय बना देती है।
स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को मिले पंख
पर्यटकों की बढ़ती आमद से स्थानीय होमस्टे और कैंप संचालकों के चेहरों पर भी रौनक है। स्थानीय गाइडों का कहना है कि कौड़ियाला की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘ऑफबीट’ होना है। यहाँ ऋषिकेश शहर जैसी व्यावसायिक भीड़भाड़ नहीं है, जिससे लोग यहाँ प्रकृति के अधिक करीब महसूस करते हैं। अगर आप भी इस मानसून के बाद किसी शांत और सुरम्य जगह की तलाश में हैं, तो कौड़ियाला की खूबसूरत वादियां आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
पर्यटकों की बढ़ती आमद से स्थानीय होमस्टे और कैंप संचालकों के चेहरों पर भी रौनक है। स्थानीय गाइडों का कहना है कि कौड़ियाला की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘ऑफबीट’ होना है। यहाँ ऋषिकेश शहर जैसी व्यावसायिक भीड़भाड़ नहीं है, जिससे लोग यहाँ प्रकृति के अधिक करीब महसूस करते हैं। अगर आप भी इस मानसून के बाद किसी शांत और सुरम्य जगह की तलाश में हैं, तो कौड़ियाला की खूबसूरत वादियां आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।


