7 August 2026

UGC की पहली वर्षगांठ

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ी खबरें आज (27 जनवरी 2026) प्रमुखता से हैं, क्योंकि राज्य सरकार ने हाल ही में एक संशोधन अध्यादेश लागू किया है और आज यूसीसी की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है। 
प्रमुख विवरण निम्नलिखित हैं:
  • संशोधन अध्यादेश लागू: राज्यपाल की मंजूरी के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड (संशोधन) अध्यादेश, 2026 तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। इस अध्यादेश के माध्यम से यूसीसी के विभिन्न प्रावधानों में प्रक्रियात्मक, प्रशासनिक और दंडात्मक सुधार किए गए हैं, ताकि इसका प्रभावी और पारदर्शी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
  • “UCC दिवस”: 27 जनवरी 2025 को यूसीसी पहली बार लागू हुआ था। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की वर्षगांठ मनाने के लिए आज पूरे राज्य में “यूसीसी दिवस” के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे गौरव का क्षण बताया है।
  • विवाह पंजीकरण में आसानी: यूसीसी का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव विवाह पंजीकरण प्रक्रिया पर देखा गया है। नई ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से, नागरिक कहीं से भी आवेदन कर सकते हैं और औसतन पांच दिनों के भीतर विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं। पिछले एक साल में 5 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण हुए हैं।
  • नए प्रावधान: संशोधन अध्यादेश में कुछ नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं:
    • धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई: पहचान छिपाकर की गई शादी को रद्द (annul) किया जा सकेगा, जिसके लिए सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं।
    • लिव-इन रिलेशनशिप: लिव-इन रिलेशनशिप खत्म होने पर रजिस्ट्रार द्वारा टर्मिनेशन सर्टिफिकेट जारी करने का प्रावधान किया गया है।
    • समय-सीमा में विस्तार: 27 जनवरी 2025 से पहले हुई शादियों के पंजीकरण की समय-सीमा को छह महीने से बढ़ाकर एक साल कर दिया गया है।
  • आलोचना: जहां सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष, जैसे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, ने इसे सनातन धर्म पर हमला बताते हुए आलोचना की है। 
यूसीसी का उद्देश्य शादी, तलाक, विरासत और संपत्ति के अधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में धर्म या समुदाय के बावजूद सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून स्थापित करना है। 

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *