औली रोपवे को जल्द शुरू करने की मांग: गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को लिखा गया पत्र, स्थानीय आजीविका संकट में
जोशीमठ/चमोली:

जोशीमठ और औली क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को फिर से पटरी पर लाने के लिए स्थानीय लोगों और खेल प्रशिक्षकों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। नेशनल स्की कोच अजय भट्ट और क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिकों (जैसे शिवान्चल सेमवाल, नितिन सती, हरेंद्र भट्ट आदि) ने गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री अनिल बलूनी को एक पत्र लिखकर एशिया के सबसे लंबे रोपवे में से एक, ‘जोशीमठ-औली रोपवे’ को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने की मांग की है।
आपदा के बाद आर्थिक रीढ़ टूटी
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में आई आपदा और भू-धंसाव (Land Subsidence) के कारण जोशीमठ क्षेत्र ने भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान झेला है। रोपवे पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है और इसके संचालन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है।
इस गतिरोध के कारण स्थानीय होटल व्यवसायी, होमस्टे संचालक, टैक्सी ड्राइवर, स्की इंस्ट्रक्टर और गाइड समेत हजारों परिवारों की आजीविका (Livelihood) गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

पर्यटन की जीवनरेखा है औली रोपवे
स्थानीय निवासियों का कहना है कि औली रोपवे सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के पर्यटन की जीवनरेखा है। इसके बंद होने से पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। आगामी पर्यटन और विंटर स्पोर्ट्स (शीतकालीन खेल) सीजन को देखते हुए इसका तुरंत शुरू होना बेहद जरूरी है।
सांसद से ठोस कदम उठाने की अपील
पत्र के माध्यम से सांसद अनिल बलूनी से निम्नलिखित मांगें की गई हैं:
औली रोपवे के सुधारीकरण और सुरक्षा संबंधी कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाए।
संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देकर इसके पुनः संचालन के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध (Time-bound) कार्ययोजना सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सांसद के प्रयासों से उत्तराखंड की इस महत्वपूर्ण पर्यटन धरोहर को नया जीवन मिलेगा और क्षेत्र की बंद पड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से रफ्तार मिल सकेगी।
