5 August 2026

बादल फटने से 7 श्रमिक लापता, मौसम बना बचाव कार्य में बाधा

उत्तरकाशी, उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिले में बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर बालिगढ़ में हुए बादल फटने की घटना के बाद से लापता हुए सात श्रमिकों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत भी हो चुकी है, जबकि 20 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन खराब मौसम इसमें बड़ी बाधा बन रहा है। यह घटना शनिवार देर रात घटी जब यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट के बीच सिलाई बैंड के पास एक निर्माणाधीन होटल साइट पर मजदूर टेंट लगाकर सो रहे थे। अचानक बादल फटने से पानी का तेज बहाव आया और कई मजदूर बह गए।

 

पुलिस, SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं और तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दो मजदूरों के शव 18 किलोमीटर दूर यमुना नदी तट पर तिलाड़ी शहीद स्मारक के निकट बरामद किए गए हैं। लापता श्रमिकों में पांच नेपाली मूल के, तीन देहरादून के और एक उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है।प्रशासन लगातार लापता श्रमिकों की तलाश में जुटा हुआ है। हालांकि, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव अभियान में काफी दिक्कतें आ रही हैं। मलबे और तेज बहाव के कारण तलाशी कार्य धीमी गति से चल रहा है। साथ ही, यमुनोत्री हाईवे भी कई जगहों पर भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण बाधित हो गया है, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में आगे भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे राहत और निर्माण कार्यों में और भी बाधा आने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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