5 August 2026

साथियों की रिहाई पर अड़े निहंग सिख, गृह सचिव ने कहा- ‘यात्रा सुचारू, अफवाहों पर न दें ध्यान’

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में पिछले 24 से 30 घंटों से भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। पंजाब से आए पारंपरिक शस्त्रों से लैस कुछ निहंग सिख गुरुद्वारे की छत पर मोर्चा संभाल कर डटे हुए हैं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात हैं और निहंगों के साथ लगातार बातचीत के जरिए मामले को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है।
🔍 क्या है विवाद की मुख्य वजह? (Karnaprayag Connection)
यह पूरा मामला 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों और सिख तीर्थयात्रियों के बीच हुए एक आपसी विवाद से जुड़ा हुआ है।
  • कर्णप्रयाग पुलिस ने उस घटना के बाद कार्रवाई करते हुए 4 निहंग सिखों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
  • जेल भेजे गए साथियों की तुरंत रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर ही निहंगों का यह गुट प्रदर्शन कर रहा है
🚨 शनिवार रात से कैसे बिगड़े हालात?
नगरासू गुरुद्वारा प्रबंधन के मुताबिक, शनिवार शाम को करीब 6 से 7 निहंग सिख गुरुद्वारा परिसर पहुंचे। उन्होंने प्रबंधन से करीब 50 से 60 कमरों की मांग की और कहा कि पंजाब से उनके और साथी आने वाले हैं जो कर्णप्रयाग मामले को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
जब गुरुद्वारा प्रबंधन ने नियमों का हवाला देते हुए कमरे देने से इनकार किया, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हिंसक हो गया। इसके बाद निहंगों ने गुरुद्वारे की लाइटें बंद कर दीं, कथित तौर पर तोड़फोड़ की और पानी की सप्लाई रोक दी। इसके बाद वे एक बुजुर्ग सेवादार (श्रद्धालु) को अपने साथ लेकर गुरुद्वारे की सबसे ऊपरी मंजिल (छत) पर चले गए और खुद को वहां लॉक कर लिया।
🛡️ पुलिस और प्रशासन का क्या स्टैंड है?
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक (SP) नीहारिका तोमर भारी पुलिस बल और ITBP के जवानों के साथ मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है:
  1. यात्रा और धार्मिक गतिविधियां सामान्य: गुरुद्वारे पर कब्जे या किसी को पूरी तरह बंधक बनाने जैसी बातें बढ़ा-चढ़ाकर फैलाई जा रही हैं। गुरुद्वारे के भीतर लंगर, अरदास और यात्रियों का आना-जाना पूरी तरह सामान्य और सुचारू रूप से चल रहा है।
  2. सुरक्षित वापसी का भरोसा: पुलिस प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर और मध्यस्थों के जरिए छत पर मौजूद निहंगों से बात कर रहा है। उन्हें आश्वस्त किया जा रहा है कि अगर वे शांतिपूर्वक नीचे आते हैं, तो उन्हें पंजाब के लिए सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) दिया जाएगा।
  3. इंटरनेट पर पाबंदी: अफवाहों को फैलने से रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन पास के कर्णप्रयाग इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
🏔️ हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ यात्रा पर क्या असर है?
चमोली और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस स्थानीय विवाद का मुख्य यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है। श्री हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से चल रही है। श्रद्धालुओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
गृह सचिव शैलेश बगौली ने भी इस मामले पर बयान जारी कर कहा है कि यह दो पक्षों के बीच उपजा एक भावनात्मक और स्थानीय मतभेद है, न कि कोई सांप्रदायिक या धार्मिक मुद्दा। सरकार राज्य में किसी भी कीमत पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं देगी और गढ़वाल आईजी को इस मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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