7 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, तीन जिलों में स्कूल बंद
7 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’, तीन जिलों में स्कूल बंद
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत जिलों के लिए आज और कल ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है [indiatimes.com, panchjanya.com]। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश और बिजली गिरने की तीव्र आशंका है
छात्रों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए देहरादून, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर (रुद्रपुर) के जिलाधिकारियों ने आज (9 जुलाई) कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है।
गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पूरी तरह ठप
पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण चट्टानें दरकने का सिलसिला शुरू हो गया है। सबसे बड़ा असर चारधाम यात्रा रूटों पर पड़ा है:
- गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग: उत्तरकाशी जिले में नालू पानी के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े बोल्डर आने के कारण हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है।
- यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग: यह हाईवे भी स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण ब्लॉक है।
दोनों ही हाईवे बंद होने की वजह से सैकड़ों तीर्थयात्री और स्थानीय वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें भारी मशीनों के साथ मलबा हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्य में बाधा आ रही है। उफान पर नदियां, SDRF और NDRF अलर्ट पर
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा, यमुना, अलकनंदा, मंदाकिनी और पिंडर समेत राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं [panchjanya.com]। मैदानी क्षेत्रों में बरसाती नाले और नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को आपदा प्रबंधन तंत्र, SDRF और NDRF की टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं [panchjanya.com]। संवेदनशील और नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है।
- अनावश्यक यात्रा से बचें: जब तक बहुत ज़रूरी न हो, पहाड़ों और नदी-नालों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें।
- रात के सफर पर रोक: पर्वतीय मार्गों पर रात के समय सफर न करने की सख्त सलाह दी गई है, क्योंकि अंधेरे में लैंडस्लाइड का खतरा

