5 August 2026

खेले हैं कभी कंचे ( अनंटी )?

खेले हैं कभी कंचे ( अनंटी )

आधुनिक दौर की बात करे तो बच्चो के पास खेलने के लिए बहुत सारी चीजे हैं ज्यादातर बच्चे तो कंप्यूटर पर या फिर मोबाइल गेम पर ही बीजी मिलेंगे वो मैदान के बजाय चार दीवारी के अंदर किसी गैजेट पर ही कोई खेल खेलते हुए नज़र आएंगे आधुनिक दौर में कई ऐसे कारक हैं जिनके कारन आज कल बच्चे घर में ही कैद होकर रह गए हैं जो बच्चे खेल के लिए घर से बहार निकलते भी हैं वो ज्यादातर पेशेवर खेल की ओर ही आकर्षित हैं जिसमे प्रमुख रूप से क्रिकेट की ओर आकर्षित हैं इसके बाद फूटबाल, बैटमिंटन , हॉकी , या कुछ जमनास्टिक के खेले में व्यस्त हैं।
पर एक दौर वो भी था जब बच्चों का अपना अनोखा खेल होता था जिसे कहते थे ” कंचे ” ………

” कंचे “ ( अनंटी ) जिसे मार्बल्स भी कहते हैं या किसी अलग जगह पर हो सकता है कि किसी अन्य नाम से पुकारा जाता होगा यह एक बेहतरीन खेल है जिसमे लगभग आंवले के आकर के बराबर कांच की बाल होती हैं जिनको अंगुलियों में फंसाकर खेला जाता है , इस खेल के निश्चित नियम नहीं हैं हर जगह पर यह अलग नियम से खेला जाता हैं पर सभी नियमो में थोड़ा बहुत ही अंतर होता हैं जितने वाला खिलाड़ी हारने वाले खिलाड़ियों से एक एक कंचे लेगा फिर खिलाडी एक हो तो एक कंचा आपका अगर आप 10  खिलाड़ियों के साथ खेल रहे हैं तो एक ही झटके में 10 कंचे आपके|

सामान्यतः जहाँ पर यह खेल खेला जाता हैं वहाँ पर एक छोटा खड्डा किया जाता हैं औऱ एक बारी में अंगुलियों में फंसकर कंचे को उसमे डालना होगा या किसी और नियम से भी इसे खेला जाता हैं , ये एक ऐसा खेल हैं जिसमे चोट लगने को संभावना बहुत ही कम होती हैं औऱ ये सस्ता खेल भी हैं जहाँ तक मुझे याद हैं जब अंतिम बार मेने कंचे को ख़रीदा था तब एक रूपये के आठ कंचे आते थे ,
इस गाला काट प्रतियोगिता के समय सायद ही बच्चों को इस प्रकार के मनोरंजन से भरे खेल को खेलने का अवसर मिलता होगा।
उत्तरखंड मंथन इस प्रकार के सभी खेलो को अपने न्यूज़ के माध्यम से प्रकाश में लाएगा।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *