11 August 2026

मात्र 5 सेकेंड में बह गया 2 करोड़ का पुल

मात्र 5 सेकेंड में बह गया 2 करोड़ का पुल
तमक नाले में आए मलबे और पानी के जबरदस्त उफान के कारण सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा हाल ही में निर्मित 40 मीटर (लगभग 120 फीट) लंबा वैली ब्रिज (लोहे का मॉड्यूलर पुल) ताश के पत्तों की तरह ढहकर बह गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इसके खौफनाक वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि यह भारी-भरकम पुल चंद सेकेंडों में उखड़कर सैलाब में समा गया। इस पुल की निर्माण लागत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 
गाड़ियां बहीं, BRO हवलदार लापता
बाढ़ की चपेट में आने से बीआरओ/ग्रेफ (BRO/GRIEF) की एक स्कॉर्पियो समेत तीन गाड़ियां बह गईं। हादसे के वक्त गाड़ी में मौजूद बीआरओ के ओसी (OC) के ड्राइवर और हवलदार, एनके पंकज कुमार (निवासी: धारचूला, पिथौरागढ़) तेज बहाव में बह गए और फिलहाल लापता हैं। उनकी तलाश के लिए NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। 
 13 से ज्यादा गांवों और चीन बॉर्डर का संपर्क टूटा
पुल के बह जाने और नीति-मलारी नेशनल हाईवे (Jyotirmath-Malari Road) के ठप होने से नीती घाटी के 13 से अधिक सीमावर्ती गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। 
  • सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित: यह मार्ग भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की अग्रिम चौकियों तक जाने का एकमात्र जरिया है, जिससे उनकी आवाजाही भी बाधित हुई है। 
  • फसलों को नुकसान: स्थानीय किसानों के सेब के बगीचे और नकदी फसलें इस मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। [
 प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती गांवों की लाइफलाइन को दोबारा बहाल करने के लिए बीआरओ (BRO) की टीमें एक वैकल्पिक मार्ग और अस्थायी पुल बनाने के काम में जुट गई हैं। पहाड़ी इलाकों में मौसम अभी भी संवेदनशील बना हुआ है, इसलिए प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

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