स्टीव बकनर: अंपायर जिसकी एक उंगली ने छीने सचिन के शतक
क्रिकेट इतिहास में कुछ जोड़ियाँ अपनी शानदार प्रतिद्वंद्विता के लिए जानी जाती हैं, लेकिन सचिन तेंदुलकर और वेस्टइंडीज़ के पूर्व अंपायर स्टीव बकनर का नाता एक अलग ही वजह से चर्चित रहा। 90 के दशक और 2000 की शुरुआत में स्टीव बकनर को सचिन तेंदुलकर के लिए क्रिकेट जगत का सबसे ‘अनलकी अंपायर’ माना जाता था।![]()
जब-जब बकनर मैदान पर उंगली उठाते, क्रिकेट प्रेमियों की सांसें थम जाती थीं—और अक्सर वो उंगली सचिन के खिलाफ बिना किसी ठोस वजह के उठ जाती थी।
बकनर के 4 बड़े फैसले जिन्होंने बदला मैच का रुख:
- ब्रिसबेन टेस्ट (2003): ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में जेसन गिलेस्पी की एक गेंद सचिन के पैड पर लगी। गेंद में इतना उछाल था कि वह स्टंप्स के कम से कम 4-6 इंच ऊपर से निकल रही थी, लेकिन बकनर ने बिना देर किए सचिन को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया।
- ईडन गार्डन्स, कोलकाता (2005): पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में अब्दुल रज्जाक की गेंद सचिन के बल्ले के पास से गुजरी। गेंद और बल्ले के बीच काफी फासला था, फिर भी बकनर ने विकेटकीपर के पीछे कैच की अपील पर उंगली उठा दी। ईडन गार्डन्स का पूरा स्टेडियम सन्न रह गया था।
- सिडनी टेस्ट (2008): मंकीगेट विवाद के लिए मशहूर इस टेस्ट मैच में बकनर के फैसलों का स्तर बेहद खराब रहा। उन्होंने सचिन तेंदुलकर को गलत कैच आउट करार दिया, जिससे भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा।

अंपायर की स्वीकारोक्ति: वर्षों बाद एक साक्षात्कार में स्टीव बकनर ने माना कि उनसे गलती हुई थी। उन्होंने कहा: “मैंने सचिन को दो बार गलत आउट दिया। भारत में पहला और ऑस्ट्रेलिया में दूसरा। इंसान गलतियों का पुतला होता है, लेकिन जब आप गलत फैसला देते हैं तो वह सालों तक आपका पीछा करता है।”
हालाँकि टेक्नोलॉजी (DRS) के आने से पहले का वह दौर सचिन तेंदुलकर के प्रशंसकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था, जहाँ अंपायर की एक गलत उंगली मास्टर ब्लास्टर की बेहतरीन पारियों का अंत कर देती थी।
