7 August 2026

लालटेन : सदियों से रोशनी का प्रतिनिधित्व 

लालटेन : सदियों से रोशनी का प्रतिनिधित्व

आज आपने अपने हाथ से स्विच ऑन किया और आपका घर रोशनी से जगमगा उठा और यह रोशनी तब तक रहेगी जब तक आपने स्विच ऑफ नहीं किया अगर आपके पास इन्वर्टर की सुविधा है तो लाइट जाने का भी कोई खतरा नहीं , यह सब क्रमिक विकाश का प्रतिफल है हमेशा से यह सुविधाए उपलब्ध नहीं थी पर जब ये आधुनिक सुविधाए नहीं थी तब भी रोशनी की आवश्यकता थी तब कौन रोशनी की पूर्ति करता था।

रोशनी के लिए सबसे उपयोगी साधन था लालटेन। लालटेन के साथ वैसे तो केरोसिन लेम्प भी हुआ करते थे पर केरोसिन लेम्प की रोशनी की दायरा लालटेन से काम होता था , और लालटेन का डिजाइन इस तरीके से बना होता है थी कि ये आंधी तूफान में बुझती नहीं थी, आप अगर रात को लालटेन लेकर घर से बाहर आ गए तो यह टॉर्च का काम भी करेगी आपके लिए।

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1417 में लन्दन के मेयर ने एक आदेश जारी किया था कि सर्दियों में हर रात को प्रत्येक घर के बहार से एक लालटेन आवश्यक रूप से लटकाना होगा जिससे हर घर के बहार रोशनी हो जाये , देखा जाय तो यह पहली सार्वजिनिक स्ट्रीट लाइट थी , सबसे पहले मोहम्मद मूसा ने इसकी खोज की थी।

लालटेन हजारों वर्षों से अस्तित्व में हैं। इसका उद्देश्य मोमबत्ती या दीपक की बाती को हवा से बचाना था। लेकिन समय के साथ, इसने एक सजावटी आयाम प्राप्त कर लिया। दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों ने उत्सव के अवसरों के दौरान लालटेन का उपयोग एक परंपरा के रूप में किया है। आज भी आपको कई फैंसी लाइट लालटेन के सेव में आपको देखने को मिल जाती हैं|

(photos from google)

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