7 August 2026

क्या आपको याद है 2007 का वो घाव? जिसने बदल कर रख दिया भारतीय क्रिकेट का पूरा इतिहास

क्रिकेट के इतिहास में साल 2007 एक ऐसा अध्याय है जिसे भारतीय क्रिकेट प्रशंसक शायद ही कभी याद करना चाहें। वेस्टइंडीज की मेजबानी में खेले गए इस 9वें वनडे विश्व कप में भारतीय टीम कागजों पर जितनी मजबूत थी, मैदान पर उतनी ही असहाय नजर आई। राहुल द्रविड़ की कप्तानी और सितारों से सजी यह टीम ग्रुप स्टेज से आगे भी नहीं बढ़ पाई थी।
1. सितारों से सजी टीम, लेकिन उम्मीदें धरी रह गईं
2007 विश्व कप के लिए भारत ने अपनी सबसे मजबूत टीम भेजी थी। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़ और युवराज सिंह जैसे दिग्गज टीम का हिस्सा थे। युवा महेंद्र सिंह धोनी भी फिनिशर की भूमिका में थे। विशेषज्ञों का मानना था कि टीम इंडिया कम से कम सेमीफाइनल तक तो जरूर पहुंचेगी।
2. बांग्लादेश के खिलाफ वो ‘शर्मनाक’ हार
17 मार्च 2007 को पोर्ट ऑफ स्पेन में भारत का सामना बांग्लादेश से हुआ। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और महज 191 रनों पर सिमट गई। तमीम इकबाल, मुशफिकुर रहीम और शाकिब अल हसन जैसे युवा खिलाड़ियों ने भारतीय गेंदबाजी की बखिया उधेड़ दी और भारत यह मैच 5 विकेट से हार गया। इसी हार ने भारत के बाहर होने की पटकथा लिख दी थी।
3. बरमूडा के खिलाफ रिकॉर्ड जीत: एक झूठी उम्मीद
बांग्लादेश से हारने के बाद भारत ने बरमूडा के खिलाफ वापसी की। वीरेंद्र सहवाग के शतक की बदौलत भारत ने 413/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो उस समय विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर था। भारत ने यह मैच 257 रनों से जीता, जिससे नेट रन रेट तो सुधरा, लेकिन अगले मैच की चुनौती अभी बाकी थी।
4. श्रीलंका ने किया बाहर, रो पड़े थे करोड़ों फैंस
करो या मरो के मुकाबले में भारत का सामना श्रीलंका से हुआ। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 185 रनों पर ही ढेर हो गई। मुथैया मुरलीधरन और लसिथ मलिंगा की गेंदों के सामने भारतीय दिग्गज बेबस नजर आए। इस हार के साथ ही भारत अधिकारिक तौर पर विश्व कप से बाहर हो गया।
5. हार के बाद का खौफनाक मंजर
भारत की इस करारी हार का असर देश में भी देखा गया। नाराज प्रशंसकों ने खिलाड़ियों के घरों पर पथराव किया और उनके पुतले जलाए। एमएस धोनी के निर्माणाधीन घर को भी निशाना बनाया गया था। इस हार के बाद ही कोच ग्रेग चैपल को अपना पद छोड़ना पड़ा और राहुल द्रविड़ ने भी बाद में कप्तानी से इस्तीफा दे दिया।

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