10 August 2026

उत्तराखंड के युवक ने बनाई देश की पहली ‘इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार

अल्मोड़ा/देहरादून:
उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसे एक बार फिर सच कर दिखाया है अल्मोड़ा जिले के कफलीखान गांव के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने। रवि ने अपनी तकनीकी सोच और सालों की कड़ी मेहनत के दम पर एक ऐसी अनोखी ‘उड़ने वाली कार’ (Flying Car) तैयार की है, जिसने देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में अल्मोड़ा के एक मैदान में इस पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल का सफल उड़ान परीक्षण (Test Flight) किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है ‘HAPIDA SKYNeX’ और इसकी खासियतें?
रवि टम्टा और उनकी स्टार्टअप कंपनी ‘हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड’ (Hapida Sky Private Limited) द्वारा तैयार किया गया यह वाहन पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
hhahh
  • पूरी तरह इलेक्ट्रिक (Eco-Friendly): यह फ्लाइंग कार पेट्रोल या एविएशन फ्यूल से नहीं, बल्कि पूरी तरह से बिजली (Battery) से चलती है, जिससे प्रदूषण का खतरा शून्य है।

  • सिंगल-सीटर डिजाइन: वर्तमान में यह एक सिंगल-सीटर पर्सनल एयर मोबिलिटी व्हीकल है, जिसमें मल्टी-रोटर ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें संतुलन और लिफ्ट के लिए कुल 8 पंखुड़ियां (Propellers) लगी हैं।

  • पहाड़ों के लिए वरदान: रवि ने बताया कि सड़क मार्ग से उनके गांव से 40 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 90 मिनट का समय लगता है। लेकिन इस फ्लाइंग कार की मदद से यह सफर मात्र 10 से 12 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक कामयाबी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो साझा करते हुए रवि टम्टा को बधाई दी। सीएम धामी ने कहा, “यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपका यह अभिनव प्रयास उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।”
बिना किसी औपचारिक विज्ञान पढ़ाई के रचा इतिहास
सबसे दिलचस्प बात यह है कि रवि की कोई औपचारिक पढ़ाई एडवांस साइंस या एरोनॉटिक्स के क्षेत्र में नहीं हुई है। उन्होंने इंटरनेट, रिसर्च और खुद के अनुभवों से इस तकनीक को सीखा है। रवि का उद्देश्य देश को व्यक्तिगत हवाई परिवहन तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। आने वाले समय में वह इस फ्लाइंग कार का पेटेंट कराने और इसके कमर्शियल संचालन के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एिएशन (DGCA) से बात करेंगे। इसके साथ ही उनका अगला लक्ष्य भविष्य में ‘फैमिली फ्लाइंग कार’ और एयर एम्बुलेंस विकसित करना है, जो पहाड़ी क्षेत्रों में मेडिकल इमरजेंसी और आपदा प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित हो सकेगी।
photo from Google

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *