12 October 2026

रामाकांत आचरेकर सचिन समेत 10 भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को तराशा

रामाकांत आचरेकर: एक गुरु, जिसने सचिन तेंदुलकर समेत 10 भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को तराशा

मुंबई | विशेष रिपोर्ट

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनकी पहचान उनके बनाए रिकॉर्ड से नहीं, बल्कि उनके मार्गदर्शन में सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ियों से होती है। दिग्गज क्रिकेट कोच रामाकांत विट्ठल आचरेकर ऐसे ही गुरु थे, जिन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क में युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं। उनके शिष्यों में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से लेकर विनोद कांबली और अजित अगरकर जैसे भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शामिल रहे।

आचरेकर का नाम आज भी भारतीय क्रिकेट में गुरु-शिष्य परंपरा, अनुशासन और प्रतिभा को निखारने के लिए सम्मान के साथ लिया जाता है।

hhahh

सचिन तेंदुलकर की सफलता के पीछे रहा आचरेकर सर का मार्गदर्शन

सचिन तेंदुलकर के शुरुआती क्रिकेट करियर को आकार देने में रामाकांत आचरेकर की अहम भूमिका रही। उन्होंने सचिन की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें लगातार अभ्यास, मैच खेलने तथा दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

शिवाजी पार्क के मैदानों पर आचरेकर की कोचिंग में सचिन ने अपने खेल को निखारा। उनकी प्रशिक्षण शैली में अनुशासन और निरंतर अभ्यास को विशेष महत्व दिया जाता था। सचिन ने कई मौकों पर अपने गुरु के योगदान को याद करते हुए कहा कि आचरेकर सर ने उनके करियर की नींव तैयार की।

सचिन के अलावा विनोद कांबली भी उनके प्रमुख शिष्यों में शामिल रहे। दोनों खिलाड़ियों की स्कूल क्रिकेट में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी ने उस दौर में क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था।

आचरेकर सर के कितने शिष्य भारत के लिए खेले?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और प्रमुख समाचार रिपोर्टों में रामाकांत आचरेकर के कम-से-कम 10 ऐसे शिष्यों का उल्लेख मिलता है, जिन्होंने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। इनमें सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली और अजित अगरकर जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।

भारत के लिए खेलने वाले उनके प्रमुख शिष्यों की सूची इस प्रकार है:

  1. सचिन तेंदुलकर — महान भारतीय बल्लेबाज और पूर्व कप्तान।
  2. विनोद कांबली — पूर्व भारतीय बाएं हाथ के बल्लेबाज।
  3. अजित अगरकर — पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता।
  4. प्रवीण आमरे — पूर्व भारतीय बल्लेबाज।
  5. बलविंदर सिंह संधू — पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य।
  6. चंद्रकांत पंडित — पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज।
  7. लालचंद राजपूत — पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच।
  8. समीर दिघे — पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज।
  9. रमेश पोवार — पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज।
  10. पारस म्हाम्ब्रे — पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और कोच।

इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां बताती हैं कि आचरेकर का योगदान किसी एक बड़े खिलाड़ी को तैयार करने तक सीमित नहीं था। उनकी कोचिंग से जुड़े कई खिलाड़ियों ने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट और घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई।

नोट: यह सूची प्रकाशित ICC रिपोर्ट में दर्ज प्रमुख भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों पर आधारित है। इसे आचरेकर के सभी शिष्यों की संपूर्ण सूची नहीं माना जाना चाहिए।

सम्मान और उपलब्धियां

रामाकांत आचरेकर को भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए वर्ष 1990 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2010 में उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया। ये सम्मान खेल प्रतिभाओं को तैयार करने और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता को दर्शाते हैं।

आचरेकर का निधन 2 जनवरी 2019 को मुंबई में हुआ। उनके जाने से क्रिकेट जगत ने एक ऐसे प्रशिक्षक को खो दिया, जिनका प्रभाव उनके शिष्यों के करियर और जीवन दोनों पर दिखाई देता है।

आज भी याद किए जाते हैं आचरेकर सर

रामाकांत आचरेकर की विरासत केवल सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी तक सीमित नहीं है। उन्होंने युवा क्रिकेटरों को मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का महत्व सिखाया। उनके शिष्यों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि एक अच्छे गुरु का योगदान मैदान पर बनाए गए रिकॉर्ड से कहीं आगे तक जाता है।

भारतीय क्रिकेट में जब भी सचिन तेंदुलकर की सफलता और उनके शुरुआती संघर्षों की चर्चा होती है, रामाकांत आचरेकर का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है

photo From Google

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *