मुनिकीरेती (ऋषिकेश): उत्तराखंड में अपराधियों और ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत मुनिकीरेती पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने निवेश के नाम पर मासूम लोगों से करीब 2.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाली एक फर्जी कंपनी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एक फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने और भारी मुनाफे का लालच दिया था। झांसे में आकर दर्जनों लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई इस कंपनी में निवेश कर दी। जब पैसे वापस करने का समय आया, तो आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने एक फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने और भारी मुनाफे का लालच दिया था। झांसे में आकर दर्जनों लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई इस कंपनी में निवेश कर दी। जब पैसे वापस करने का समय आया, तो आरोपी ऑफिस बंद कर फरार हो गया।

कैसे हुई गिरफ्तारी?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना और सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सक्रिय पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को ठगी से जुड़े कई अहम दस्तावेज और फर्जी आईडी भी बरामद हुई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना और सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सक्रिय पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को ठगी से जुड़े कई अहम दस्तावेज और फर्जी आईडी भी बरामद हुई हैं।
पुलिस की अपील:
मुनिकीरेती पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी गैर-पंजीकृत कंपनी या लुभावने वादों वाली स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
मुनिकीरेती पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी गैर-पंजीकृत कंपनी या लुभावने वादों वाली स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
