7 August 2026

नए साल की बधाईया “व्हाट्सअप” बनाम “ग्रीटिंग कार्ड्स”

आज नया साल है और आपको कई शुभचिंतको के द्वारा नए साल की बधाईया और शुभकामनाये मिली होंगी और आपने भी अनेक मित्रो को, रिस्तेदारो को ने साल की मंगलकामनाये प्रेषित की होंगी। इस शुभकामनाओ के आदान – प्रदान में माधयम रहा है आपके फोन का व्हाट्सअप, जी हां व्हाट्सअप के माध्यम से सन्देश भेजना बहुत ही आसान है जिसमे लिखे मैसेज को कॉपी पेस्ट करके अनेक लोगो तक भेजा जा सकता है। व्हाट्सअप के माध्यम से हम नए साल में या किसी त्यौहार की बधाई उस व्यक्ति को भी भेजते हैं जिससे हम लगातार बात नहीं करते हैं और उसका प्रतिउत्तर भी तुरंत ही प्राप्त होता है क्युकी इन संदेशो को भेजने का कोई अतरिक्त शुल्क नहीं लगता है, तो मुफ्त के संदेशो को भेजकर आप बहुत से लोगो के और बहुत से लोग आप के शुभचिंतको की सूची में आ सकते हैं।


परन्तु एक समय ऐसा भी था जब व्हाट्सअप जैसी कोई सुविधा नहीं थी फोन का प्रचार – प्रसार भी इतना नहीं था तब नए साल की बधाईया देने का सबसे सरल और एक मात्र साधन था “ग्रीटिंग कार्ड्स” जब आपके हाथ में डाक के माधयम से ग्रीटिंग कार्ड पहुँचता था तो आपकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रह जाता था भेजने वाले का विशेष सम्मान आपकी नजरो में बड़ जाता था आप जरूर ये सोचते थे “उसे मेरी याद रही” एक ग्रीटिंग कार्ड की कीमत औसतन 10 से 50 रुपये तक होती थी तो बड़े विवेक से निर्णय लेना होता था कि किसको बधाई सन्देश भेजना है , स्कूलों में तो साफ़ पता लग जाता था कि कौन किसका पक्का दोस्त है जिसको ग्रीटिंग कार्ड दिया वो पक्का दोस्त अब आम सहपाठी क लिए कोण २०-३० रूपये क्यों खर्च करे आखिर मौखिक बधाइयों का भी तो कोई महत्व है । आर्मी के जवानो को उनकी यूनिट के नाम का फ्री वाला ग्रीटिंग कार्ड मिलता था तो उनसे ज्यादा उम्मीद होती थी कि वो जरूर ग्रीटिंग से अपनी बधाई भेजेंगे , यदि आर्मी वाला ने किसी मुंहफट दोस्त को नए साल का ग्रीटिंग नहीं दिया तो वो बोल भी देता था ” तुमसे फ्री का ग्रीटिंग नहीं भेजा जाता और क्या उम्मीद रखे”। लगभग फरवरी तक “ग्रीटिंग कार्ड्स” कि इंतजारी रहती थी क्युकी दूर के रिस्तेदारो कि डाक पहुचने में समय जो लगता था ।

कई वर्षो के “ग्रीटिंग कार्ड्स” का संग्रह किया जाता था उनको माला की आकृति में जोड़कर ड्राइंगरूम में सजाया जाता था । यह “ग्रीटिंग कार्ड्स” की माला मेहमानो को आपकी सोसल नेटवर्किंग के बारे में अवगत कराती थी , मोबाइल से बधाईया लेने और देने वाले आज के युवा शायद इस बात को नहीं समझ पाएंगे कि एक “ग्रीटिंग कार्ड ” कितनी खुसी देता था नए साल की

About The Author

3 thoughts on “नए साल की बधाईया “व्हाट्सअप” बनाम “ग्रीटिंग कार्ड्स”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *