7 August 2026

कीड़ो की पूजा का अनोखा त्यौहार।

कीड़ो की पूजा का अनोखा त्यौहार।


आपने आम तौर पर देवी देवताओ की पूजा, पशु पूजा , पेड़ – पोधो की पूजा देखी और सुनी होगी पर आज हम आपको एक अनोखी पूजा के बारे में बताते हैं जो होती है कीड़ो की पूजा, स्थानीय भाषा में इसे किड़पूजा के नाम से सम्बोधित करते हैं जी हां कीड़ो की पूजा कब और क्यों की जाती है कीड़ो की पूजा आवो इसे विस्तार में जानते हैं।

चमोली जपद (उत्तरखंड ) में एक गांव है सेलंग इस गांव में वैशाख (जून) के माह में आधी अंगुली के बराबर हरे रंग के कीड़े न जाने कहा से उत्पन्न हो जाते है लगता है इन कीड़ो ने जैसे गांव पर एक तरह से आक्रमण ही कर दिया हो घर के आँगन में, छतो पर, रास्तो पर ,हर जगह अनगिनत कीड़े नजर आते हैं पावो के निचे आने से इनके शव भी खूब देखने को मिलते हैं इनकी एक खाशियत ये भी है कि ये आपको शयन वाले कमरे में नहीं दिखाई देंगे साथ ही ये धान की फसल को भी काफी नुक्सान पहुंचाते हैं।

गांव वाले तुरंत ही समझ जाते है कि यह कोई दैविक समस्या है जिसके निदान के लिए वो एक पूजा का आयोजन करते हैं जो कि पीढ़ियों से चली आ रही है। यह पूजा शाकाहारी होती है बलि नहीं दी जाती ह। गांव के बारी (पूजा के लिए चुने प्रतिनिधि) एक स्थान विशेष पर जाकर पूजा को करते हैं व इस पूजा के माध्यम से कीड़ो को मनाया जाता है प्रसाद के रूप में हलवा पूरी बनाया जाता है जिसे ग्रामीणों को भी बाटा जाता है। पूजा के अगले दिन से ही कीड़ो में अप्रत्यासित कमी देखने को मिलती है और एक हफ्ते के अंदर ही सारे कीड़े ख़त्म हो जाते है। ये अपने आप एक अनोखी पूजा है सायद इसी लिए कीड़ो को समाप्त करने के लिए कीटनाशक कि जगह पूजा का आवाहन किया जाता है।

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