चमोली में बड़ा टनल हादसा पानी और मलबे से भरी सुरंग, 7 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू जारी!
चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ के पीपलकोटी (मायापुर) इलाके में अलकनंदा नदी पर बन रही THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग (टनल) में अचानक भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। पहाड़ दरकने की वजह से टनल के अंदर भारी मात्रा में मलबा, गाद और पानी का तेज सैलाब घुस गया। हादसे के वक्त सुरंग के अंदर लगभग 22 से 28 मजदूर काम कर रहे थे, जो अचानक आए इस मलबे की चपेट में आ गए।
इस भीषण हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। टनल में पानी और दलदल भरे होने के कारण कुछ मजदूरों के अभी भी लापता होने की आशंका है, जिन्हें तलाशने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ड्रम की नाव बनाकर जिंदगी की तलाश (रेस्क्यू अपडेट)
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, उत्तराखंड पुलिस, NDRF, SDRF, ITBP और भारतीय सेना की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
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चुनौतियां: टनल के करीब 1.5 किलोमीटर अंदर तक पानी और कीचड़ गले तक भरा हुआ है, जिससे पैदल अंदर जाना नामुमकिन है। ऑक्सीजन की भारी कमी और अंधेरे के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
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अनोखा रेस्क्यू तरीका: बचाव दल के जवानों ने टनल के भीतर भरे पानी में उतरने के लिए नीले रंग के प्लास्टिक ड्रमों को आपस में जोड़कर एक अस्थाई ‘नाव’ (साधन) तैयार की है। इसी के सहारे जवान मलबे के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
घटनास्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद शुक्रवार को चमोली के पीपलकोटी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने टनल के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया और रेस्क्यू में जुटे जवानों का हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी उपलब्ध संसाधनों का पूरी क्षमता से उपयोग किया जाए और टनल के भीतर फंसे आखिरी मजदूर को सुरक्षित निकालने तक यह ऑपरेशन जारी रहना चाहिए। इसके साथ ही सरकार ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है और सभी घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है।
भारी बारिश और टनल का ‘सेफ्टी ऑडिट’
चमोली जिला पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश की चपेट में है, जिसके कारण पहाड़ों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने भी फोन पर घटना की पूरी जानकारी ली है और केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि घटना के बाद राज्य की सभी निर्माणाधीन सुरंगों का ‘सेफ्टी ऑडिट’ (सुरक्षा जांच) फिर से कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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