उत्तराखंड में प्री-मॉनसून बारिश आमतौर पर गर्मी से राहत देती है, लेकिन इस बार कई जगहों पर यह आफत बनकर सामने आई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में 9 या 10 जून तक मॉनसून दस्तक दे सकता है, और इससे पहले की प्री-मॉनसून गतिविधियाँ लोगों के लिए परेशानियाँ बढ़ा रही हैं।
आफत के मुख्य कारण और प्रभाव:
- सड़कें और जलभराव: देहरादून सहित कई शहरों में खुदी हुई सड़कें और सीवर लाइन के काम मॉनसून में बड़ी मुसीबत बन रहे हैं। प्री-मॉनसून की बारिश में ही इन सड़कों पर कीचड़ और जलभराव के चलते लोगों को परेशानी हो रही है। अधिकारियों को मॉनसून से पहले सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन काम की धीमी गति को देखते हुए यह मुश्किल लग रहा है।
- पेड़ गिरना और बिजली की समस्या: तेज़ हवाएं चलने से कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए। इससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
- आपदा जैसी स्थिति: प्री-मॉनसून बारिश के चलते बनी आपदा जैसी स्थिति में देहरादून में एक व्यक्ति की मौत की खबर भी आई है। पिथौरागढ़ जिले में बारिश की वजह से 3 ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- बर्फबारी: हेमकुंड साहिब जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में प्री-मॉनसून बारिश के साथ बर्फबारी भी देखने को मिली है, जिससे रास्ते बंद हो गए हैं।
- नदी-नालों का बहाव: मौसम विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि बारिश में नदी-नालों के पास से गुजरते समय उनके बहाव को देखकर ही पार करें, क्योंकि पानी का बहाव तेज़ हो सकता है।
- येलो अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है। मैदानी इलाकों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

राहत के कुछ पहलू:
- गर्मी से राहत: हालांकि कई जगहों पर आफत है, लेकिन प्री-मॉनसून बारिश ने बढ़ती गर्मी से काफी हद तक राहत दी है, खासकर मई महीने में तापमान सामान्य से नीचे रहा है।
- खेती के लिए फायदेमंद: कुछ हद तक यह बारिश खेती और तापमान में संतुलन के लिहाज़ से भी फायदेमंद मानी जा रही है।
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 5 जून तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 5 जून के बाद कुछ राहत मिल सकती है, और 9 या 10 जून तक उत्तराखंड में मॉनसून दस्तक दे सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क है और सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है, साथ ही आम जनता से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
