
भगवान बद्रीविशाल के कपाट बंद होने के पश्चात दुसरे दिन 18/11/2024 को प्रातःकाल दस बजे भगवान उद्धव जी व भगवान कुबेर जी की डोली एवम शंकराचार्य जी की गद्दी व मुख्य पुजारी श्रीमान अमरनाथ नम्बूरी जी धर्माधिकारी श्री राधाकृष्ण थपलियाल जी वैद पाठी भट्ट जी एवम मंदिर अधिकारीगण व कर्मचारी तथा डीमरी बारी दार व बामणी गांव के सभी लोगों की उपस्थिती मे भगवान की डोली पाण्डूकेश्वर योगध्यान मन्दिर के लिए प्रस्थान कर पाण्डूकेश्वर गांव मे पहुची।

पाण्डूकेश्वर गांव मे पहुचते ही गांव की महिलाओ द्वारा पुज्यपाद श्रीमान रावल जी व अन्य सभी लोगों का फुल माताओं के साथ स्वागत कर भजन कीर्तन के साथ गांव के कुबेर चौक मे लेकर गये। जहां पर सभी को सुक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई। गांव वासीयों द्वारा पुज्यपाद श्रीमान रावल जी व अन्य सभी का सोल डाल कर सम्मानित किया।
इसके पश्चात सभी लोग योगध्यान मन्दिर मे गये जहां पर श्रीमान रावल जी व धर्माअधिकारी जी ने योगध्यान मन्दिर मे पूजा-पाठ व आरती कर भगवान को शीतकाल के लिए योगबद्री मन्दिर मे विराजमान किया।
इधर बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्य्क्ष किशोर पंवार ने इस बार की यात्रा को सफल बताया है , साथ ही उन्होंने विश्वाश जाते है कि अगले साल और बेहतरीन यात्रा होगी उन्होंने सभी श्रदालुओ को अगली साल यात्रा के लिए आमंत्रित किया है , साथ ही उन्होंने सरकार का भी धन्यवाद किया है।
