7 August 2026

“सुगम्य भारत अभियान” धरातल से दूर

“सुगम्य भारत अभियान” धरातल से दूर

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनो को मजबूत और उनका जीवन सरल बनाने हेतु सुगम्य भारत की नीव 3 दिसंबर 2015 को रखी गयी थी, 3 दिसंबर को विश्व विकलांग दिवस मनाया जाता है इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के दिव्यांगी को यह तोफा दिया। सुगम्य भारत अभियान क्या है आओ इसे पहले जाने समझे – “विकलांग व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक पहुँच प्राप्त करने के लिए सुगम्य भारत अभियान की स्थापन की गयी थी यानी की कोई भी स्कूल , कॉलेज , होटल , हवाईअड्डा आदि सार्वजिक स्थानों को व्हीलचेयर के अनुकूल हो , जहॉ – जहॉ सीढिया हो वहाँ रेम्प का निर्माण किया जाय विद्यालयो में दूसरी मंजिल में जाने के लिए यदि लिफ्ट नहीं है तो रेम्प बने ताकि व्हीलचेयर आसानी से चढ़ – उतर पाए , इसके अलावा सभी सार्वजिक स्थानों पर आवश्यक रूप से व्हीलचेयर शौचालय हो जिसकी सामान्यतः बहुत ज्यादा जरुरत होती है।

पर इस अभियान की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है| ज्यादातर होटल स्वामी सुगम्य भारत अभियान को चुनौती देते हुए नज़र आ रहे हैं कई होटल और बारात घरो में न तो व्हीलचेयर रेम्प हैं ना ही व्हीलचेयर शौचालय हैं, कई जगह व्हीलचेयर शौचालय तो है पर ना ही वहाँ सफाई का ख्याल रखा जाता है ना ही वो मानको के अंतर्गत बने हैं , एक होटल में तो व्हीलचेयर टॉयलेट को स्टोर की जगह प्रयोग किया जाता है , जब भी इस बाबत होटल स्टाफ से पूछा जाता तो उनका रटा – रटाया जबाव होता है कि व्हीलचेयर वाले ग्राहक कम आते हैं।

शासन – प्रशासन को शक्ति के साथ सुगम्य भारत का पालन करवाना जरुरी है ताकि किसी दिव्यांग को सारवजनिक स्थान पर कोई दिक्कत का सामना ना करना पड़े। उत्तराखंड मंथन

photos from google

 

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