गढ़वाली क्यों करते “बल ” शब्द का इस्तमाल ? वजह जाने

आप यदि गढ़वाल के रहने वाले हो या फिर आपका कोई मित्र गढ़वाल से है और वो बातो के बीच “बल ” शब्द का प्रयोग करता है जिसको कई बार हास्य की दृस्टि से भी देखते हैं , पर ऐसा नहीं है उसका भी कारन है कि क्यों वो ऐसा करते है। अगर ये शब्द अन्य भाषा में होता खाशकर कि अंग्रेजी में तो इसको समझने के लिए आपको व्याकरण की क्लास लेनी पड़ती किसी बड़ी परीक्षा और साक्षात्कार में आपको इसके नियम पूछे जाते परन्तु गढ़वाली भाषा का व्याकरण या तो विलुप्ति की कगार पर है या बड़ी मात्रा में जानकारी का अभाव है।

जिस कारण हम नहीं समझ पा रहे हैं कि कोई गढ़वाली “बल” शब्द का इस्तमाल क्यों करता है आइये इसका व्याकरण समझे दो परिस्थियों में बल शब्द का इस्तेमाल होता है।
पहला – जब पहला वचन किसी दूसरे वचन के पास किसी तीसरे वचन कि बात को बता रहा हो कोट करते हुए , जब वो आपके पास किसी और कि बात बता रहा हो तब वो बल शब्द का प्रयोग करेगा इसे उदाहरण से समझते है , 1 – पंकज कह रहा था बल कि वो कल दिल्ली जा रहा है (मतलब वो पंकज की बात को बता रहा है) 2 – उसने कहा क़ि वो दिल्ली से कुछ किताबे लाएगा बल (पंकज लाएगा कहना वाला नहीं )
दूसरा जब हम किसी बात क़ि कल्पना करते है या काश कहते है तो भी बल का इस्तेमाल होता है उदाहरण 1 – मेरे पास एक कार होती बल तो में बदरीनाथ घूमने जाता (उसके पास कार नहीं है कल्पना कर रहा है ) 2 – अमित: पिछले साल अगर में पटवारी परीक्षा में निकलता बल तो मेरी शादी सुनीता से हो जाती ( नहीं निकला बेचारा इस लिए कल्पना है तो बल का प्रयोग है ) 3 – अब सुनीता कह रही है कि मेहनत करता बल तो निकल जाता ( सुनीता के हाथ में उसकी मेहनत नहीं है एक कल्पना है तो बल आएगा )
जब हम किसी बोली /भाषा के समपर्क बहुत ज्यादा रहते हैं तो उसका प्रभाव हमारी हिंदी पर भी पड़ता है इसलिए गढ़वाली जब हिंदी बोलते हैं तो गाये – बगाये बल का प्रयोग कर ही लेते हैं जो कि स्वाभाविक है। अब अगर आपको कोई बल का प्रयोग करता मिला तो आप समझ लेना कि वो व्याकरण का प्रयोग कर रहा है!

(लेख निजी अनुभव के आधार पर )
और हां “अमित कि तरफ से सुनीता को शादी कि बधाई बल”

यह लेख बहुत जानकारीपूर्ण है! मुझे हमेशा से ही मेक्सिको के व्यंजनों में दिलचस्पी रही है और अब मैं cuajitos de Cadereyta के बारे में और अधिक जानने के लिए उत्सुक हूँ।
bahut dhanyawad aapka aap hmesaha uttrakhand manthan k sath bane rahe