ठण्ड की वजह कही ग्लोबल कूलिंग तो नहीं है ?

जनवरी के माह में सभी लोग बहुत ज्यादा ठण्ड महसूस कर रहे है, हर साल ठण्ड पिछले साल से ज्यादा हो रही है लगातार तापमान गिरने से | कई 70 – 80 साल के बुजुर्गो से बात की तो उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा की उन्होंने इतनी सर्दी अपने जीवन काल में कभी नहीं देखी, साल दर साल सर्दी बढ़ाने का क्या कारन हो सकता क्या इसका कारन ग्लोबल कूलिंग है ?

क्या है ग्लोबल कूलिंग जानते हैं इसके बारे में आम तौर पर हम ग्लोबल वर्मिग के बारे में जानते हैं चर्चा भी करते हैं उसके उपाय भी खोजते हैं सीधे शब्दों में धरती का गर्म होना ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है जैसे ग्लोबल वार्मिग है वैसे ही ग्लोबल कूलिंग भी है ये भी जलवायु परिवर्तन का हिस्सा है और साथ ही यह भी चिंता का कारण भी है , क्यों होती है ग्लोबल कूलिंग जानते हैं – जब अत्यधिक वायु प्रदूषण के कारण ओजोन की परत काफी मोती हो जाती है जिस कारण सूरज की किरण प्रॉपर तरीके से धरती पर नहीं पड़ पाती और वो इतनी प्रभावी (गर्म) नहीं होती जो ठन्डे ग्लेश्यर को नहीं पिघला पाते परिणामस्वरूप ग्लेशर का न पिघल पाना ठण्ड का बड़ा कारण होता है और ओजोन परत से सूर्य की किरण सही तरीके से घरती पर न पड़ पाने के कारण आम वातावरण भी गर्म नहीं रह पाता जिस कारण ठण्ड का होना स्वाभाविक है।

हाल के 2 – 3 सालो में वायु प्रदूषण बड़ा है इसके पीछे मुख्य कारण है कई राष्टों के मध्य युद्ध जैसे इजराइल , फिलिस्तीन , रूस ,यूंक्रेन की लड़ाईया, इसमें गोला बारूद से बहुत ज्यादा जहरीला धुँआ वायु मंडल में जाकर बड़े पैमाने पर वाय प्रदूषण का कारक बना इसके अलावा उद्योगों की बढ़ती संख्या व अन्य सामान्य कारणों से जो वायु प्रदुषण को काफी बड़ा लिया है जिस से ग्लोबल कूलिंग होने के समभावनए लगातार बड़ रही है जो की ठण्ड कि बढ़ोतरी का कारण हो सकता है।

इसके समाधान हेतु सम्पूर्ण मानव जाती को वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना चाहिए ताकि ग्लोबल कूलिंग को समाप्त किया जा सके ग्लोबल कूलिंग को हिंदी में वैश्विक शीतलता कहते हैं
