देहरादून नगर निगम बनाएगा खास ‘थीम’ BEST FOOD MARKET
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्ट्रीट फूड लवर्स और शहरवासियों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। शहर के खान-पान के ढर्रे को पूरी तरह बदलने और इसे एक अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के लिए देहरादून नगर निगम ने एक अनोखी और बड़ी पहल की है। नगर निगम अब शहर के भीतर अलग-अलग थीम पर आधारित ‘स्पेशल फूड बाजार’ (Special Food Markets) विकसित करने जा रहा है। इस योजना के लागू होने के बाद लोगों को अपनी पसंद का जायका लेने के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि एक ही छत के नीचे शहर के सबसे बेहतरीन व्यंजन उपलब्ध होंगे।
इंदौर मॉडल की तर्ज पर सजेगा दून का फूड बाजार
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहर ‘इंदौर’ के फूड स्ट्रीट मॉडल की तर्ज पर विकसित करना है। वर्तमान में देहरादून के मुख्य मार्गों और चौराहों पर लगने वाले अनियंत्रित फूड स्टॉल और ठेलों की वजह से शहर में अतिक्रमण और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए निगम ने सभी स्ट्रीट वेंडर्स को एक सुनियोजित और व्यवस्थित हब में शिफ्ट करने का फैसला किया है। इससे जहां एक तरफ ट्रैफिक सुचारू होगा, वहीं पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक साफ-सुथरा और बेहतरीन फूड डेस्टिनेशन मिल सकेगा। [1]
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहर ‘इंदौर’ के फूड स्ट्रीट मॉडल की तर्ज पर विकसित करना है। वर्तमान में देहरादून के मुख्य मार्गों और चौराहों पर लगने वाले अनियंत्रित फूड स्टॉल और ठेलों की वजह से शहर में अतिक्रमण और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने के लिए निगम ने सभी स्ट्रीट वेंडर्स को एक सुनियोजित और व्यवस्थित हब में शिफ्ट करने का फैसला किया है। इससे जहां एक तरफ ट्रैफिक सुचारू होगा, वहीं पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक साफ-सुथरा और बेहतरीन फूड डेस्टिनेशन मिल सकेगा। [1]
थीम के आधार पर बांटे जाएंगे बाजार: मोमो से लेकर पहाड़ी व्यंजनों का मिलेगा स्वाद
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि ये फूड मार्केट किसी सामान्य बाजार की तरह नहीं होंगे, बल्कि इन्हें विशेष थीम के आधार पर बांटा जाएगा। हर एक बाजार को एक खास व्यंजन के नाम से पहचाना जाएगा।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि ये फूड मार्केट किसी सामान्य बाजार की तरह नहीं होंगे, बल्कि इन्हें विशेष थीम के आधार पर बांटा जाएगा। हर एक बाजार को एक खास व्यंजन के नाम से पहचाना जाएगा।
- विशिष्ट मोमो मार्केट: देहरादून में मोमोज की दीवानगी को देखते हुए निगम सबसे पहले एक ‘विशिष्ट मोमो जोन’ विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित कर रहा है। इसके लिए ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां युवाओं और छात्रों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है। [1]
- वैराइटी फूड जोन्स: मोमो मार्केट के अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में सिर्फ चाट के लिए ‘चाट बाजार’, चाइनीज खाने के शौकीनों के लिए ‘चाइनीज फूड रेंज’, शुद्ध शाकाहारी भोजन के लिए ‘वेजिटेरियन जोन’ और मांसाहारी व्यंजनों के लिए अलग से ‘नॉन-वेज फूड कोर्ट’ तैयार किए जाएंगे।
- पहाड़ी व्यंजनों को बढ़ावा: उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए एक विशेष ‘पहाड़ी फूड मार्केट’ भी स्थापित किया जाएगा। यहां सैलानियों को प्रामाणिक पहाड़ी स्वाद चखने को मिलेगा।
रायपुर-थानो रोड पर पहला फूड कोर्ट लगभग तैयार
नगर निगम के इस विजन का पहला बड़ा उदाहरण रायपुर-थानो रोड पर देखने को मिल रहा है, जहां निगम का पहला आधुनिक फूड कोर्ट बनकर लगभग तैयार हो चुका है। इस फूड कोर्ट को जानबूझकर मुख्य शहर से थोड़ा बाहर और खुले क्षेत्र में विकसित किया गया है ताकि शहर के भीतर गाड़ियों की पार्किंग और भीड़भाड़ के कारण लगने वाले जाम से पूरी तरह बचा जा सके। रायपुर-थानो रोड पर बने इस पहले मॉडल प्रोजेक्ट में 31 आधुनिक दुकानें बनाई गई हैं। इसके साथ ही ग्राहकों की सुविधा के लिए ओपन डाइनिंग एरिया और एक बड़ा पार्किंग स्पेस भी तैयार किया गया है, जिससे लोग सुकून से बैठकर खान-पान का लुत्फ उठा सकें। [1]
नगर निगम के इस विजन का पहला बड़ा उदाहरण रायपुर-थानो रोड पर देखने को मिल रहा है, जहां निगम का पहला आधुनिक फूड कोर्ट बनकर लगभग तैयार हो चुका है। इस फूड कोर्ट को जानबूझकर मुख्य शहर से थोड़ा बाहर और खुले क्षेत्र में विकसित किया गया है ताकि शहर के भीतर गाड़ियों की पार्किंग और भीड़भाड़ के कारण लगने वाले जाम से पूरी तरह बचा जा सके। रायपुर-थानो रोड पर बने इस पहले मॉडल प्रोजेक्ट में 31 आधुनिक दुकानें बनाई गई हैं। इसके साथ ही ग्राहकों की सुविधा के लिए ओपन डाइनिंग एरिया और एक बड़ा पार्किंग स्पेस भी तैयार किया गया है, जिससे लोग सुकून से बैठकर खान-पान का लुत्फ उठा सकें। [1]
रोजगार और पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा
नगर निगम आयुक्त आलोक कुमार पांडेय के अनुसार, इस योजना से न केवल शहर की ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या का समाधान होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से ठेला लगाने वाले छोटे दुकानदारों को अब एक सुरक्षित, स्थायी और लीगल बिजनेस प्लेटफॉर्म मिलेगा। इसके अलावा, देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए यह फूड कोर्ट्स नए पर्यटन आकर्षण (Tourism Destinations) के रूप में उभरेंगे।
नगर निगम आयुक्त आलोक कुमार पांडेय के अनुसार, इस योजना से न केवल शहर की ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या का समाधान होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से ठेला लगाने वाले छोटे दुकानदारों को अब एक सुरक्षित, स्थायी और लीगल बिजनेस प्लेटफॉर्म मिलेगा। इसके अलावा, देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए यह फूड कोर्ट्स नए पर्यटन आकर्षण (Tourism Destinations) के रूप में उभरेंगे।

