चार धाम यात्रा पंजीकरण रद्द , आखिर दोषी कौन ?

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा जोरो पर हैं भारत के सभी प्रांतो से लाखो की सख्या में श्रदालु अपना रुख उत्तराखंड को कर चुके हैं यहाँ इस संख्या को देखकर व्यापारियों के चहरे खिले हुए हैं वही प्रशासन के लिए ये किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है , सरकार ने पर्यटकों को बेहतरीन सुविधा देने को मद्देनज़र रखते हुए यात्री पंजीकरण की व्यस्ता अपनाई है , लाखो की संख्या में यात्रा हेतु पंजीकरण हो चुके हैं और तेजी से पंजीकरण की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जिसके चलते यात्रियों के पंजीकरण रद्द करने पड़ गए हैं जिस कारण यात्री में भरी आक्रोश है और यात्रियों ने सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार के कार्यालय में ही अपना डेरा दाल दिया है उनका कहना है कि वो हर हाल में यात्रा पूरी करेंगे फ़िलहाल 31 मई तक ऑफलाइन रजिस्टेशन बंद कर दिए हैं CM धामी ने कहा कि निर्धारित संख्या के हिसाब से ही पर्यटकों को भेजा जाए

पंजीकृत यात्रियों की संख्या इतनी अधिक हो गई हैं की इनकी समुचित व्यवस्ता में शासन प्रशासन के हाथ पाँव फूल रहे है जो की काफी हद तक लाजमी भी है क्यों कि जब यात्रियों कि संख्या अनुमान से बहुत अधिक हो जाये तो अचानक कैसे व्यवस्ता बनायीं जा सकती है उत्तरखंड के पास जो संसाधन है उनमे अचानक वृद्धि नहीं हो सकती जो कि व्यवस्ता को बड़ा सके पुलिस , होटल , रैनबसेरा , पार्किंग क्षेत्रों को अचानक से बढ़ाना सम्भव भी नहीं है तो सीधे शासन – प्रशासन को दोषी ठहराना शायद उतना न्योचित नहीं है। हम उम्मीद करते हैं जल्द ही उचित व्यवस्ता बन जाए और किसी भी श्रदालु को कोई तकलीफ ना हो
उत्तराखंड मंथन सभी पर्यटकों का उत्तराखंड में स्वागत करता है…
