रोमांच का दूसरा नाम ब्लाइंड फुटबॉल , देखकर आप भी रोमांचित हो जायेगे
वो है ना हम ब्लाइंड फुटबॉल खेलते हैं और कई लोग सोचते हैं बहुत धीमा चलता होगा खेल या मजा नहीं आता होगा।दिखता तो है नहीं कितना ही खेल लेंगे भला।तो बता दूं हम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान जो कि देहरादून के 116 राजपुर रोड स्थित है मैं सालों साल मेहनत कर रहे हैं।दस पुरुष और तीन महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हो चुकी हैं।हमने 2 बार पुरुष और 1 बार महिला वर्ग की नेशनल चैंपियनशिप जीत ली है।साथ ही दो बार के उपविजेता भी हैं।भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम को तीन कप्तान दे चुके हैं।साब बहुत मेहनत लगती है।2015 से निरंतर लगे हुए हैं हम सब एक साथ और तब जाकर अब कुछ अच्छे परिणाम आने लगे हैं।यहां से खिलाड़ियों ने पैरा एशियन गेम्स 2023 में,ब्लाइंड फुटबॉल एशियन चैंपियनशिप में तथा ब्लाइंड फुटबॉल वर्ल्ड ग्रैंड प्री में प्रतिभाग किया है।महिलाओं ने ibsa वर्ल्ड गेम्स में प्रतिभाग किया है।पर हां हमारी चकाचौंध कम है जरा न इसलिए शायद आप लोग कतराते होंगे।

कुछ आते हैं लगातार जुड़े हुए हैं तो उनका तहे दिल से शुक्रिया।बस आप लोग हमें देखने आएं हमारे खेल को जाने उसे और बढ़ावा मिले यही तो स्वार्थ है।सोशल मीडिया पर शेयर करें हम और फैलेंगे।अरे हां मैं तो बताना ही भूल गया कि ग्राउंड हमारा भले ही छोटा(20× 40 मीटर)हो पर चलता तेज है।हम शांति में खेलते हैं क्योंकि हम अपने कानों से आवाज वाली बाल को देखते(सुनते)हैं।गोलपोस्ट छोटा(2.14×3.66 मीटर)है पर दृष्टिवान गोलकीपर होता है।उसे दृष्टि दिव्यांग खिलाड़ी गोल मारता है। हां हम कम होते हैं(5 खिलाड़ी एक टीम में)पर कहते भी तो 5-A-Side Blind Football हैं।देखिए ना कभी इंटरनेट पर। हां हमारा खेल पैरा ओलंपिक खेल है।

आइए ना कभी हमें देखने।हम कोई निजी पत्र या निमंत्रण नहीं दे पाते पर हां हम सोशल मीडिया पर भरपूर प्रचार प्रसार कर देते हैं।विश्व में लगभग कुल 76 देश इस खेल को खेलते हैं और हम 14वे रैंक पर हैं।तथा एशिया में 5वे रैंक पर।महिला वर्ग में कुल 10 देश खेल रहे हैं हम दूसरे स्थान पर हैं।सबसे ज्यादा खिलाड़ी दे रहा है ये संस्थान उत्तराखंड और भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम को।अब तो आयेंगे न हमें देखने।हमारे टूर्नामेंट को देखने।यकीन मानिए जरा भी बोरिंग नहीं होने देंगे।

हमारे खेल को देखने में आपका समय भी बर्बाद नहीं होगा।हम 15 मिनट के दो हाफ और 10 मिनट का हाफ टाइम इतना ही खेलते हैं।पर हां गलत न समझ लेना ये स्टॉपेज टाइम होता है।इसलिए समय जरा बढ़ ही जाता है।बड़ी उम्मीद रहती है हमें भी कोई हमें और हमारे खेल को देखने आए।हमें INDIA जर्सी में देखकर हमसे पूछे “क्या आप इंडिया के लिए कोई खेल खेलते हैं?” हम भी बता सकें फिर कुछ अपने और अपने खेल के बारे में।
चलिए आशा करते हैं कि अब तो शायद जरा सा मन बनाएंगे आप लोग हमारे और हमारे खेल के प्रति सपोर्ट करने का।इसे देखने तथा शेयर करने का।
लेख हेतु विशेष आभार
श्री नरेश नयाल ( NIVH )
