उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का नैनीताल दौरा: कुमाऊं विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे शामिल, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा सख्त



नैनीताल: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ कल (बुधवार) से उत्तराखंड के तीन दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर सरोवर नगरी नैनीताल पहुँच रहे हैं। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं।
दौरे का प्रमुख कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति का यह दौरा शैक्षणिक और गरिमामय कार्यक्रमों से भरा होगा:
- कुमाऊं विश्वविद्यालय स्वर्ण जयंती: बुधवार को उपराष्ट्रपति कुमाऊं विश्वविद्यालय के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वह विश्वविद्यालय के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के साथ संवाद भी करेंगे।
- शेरवुड कॉलेज का स्थापना दिवस: शुक्रवार को वह प्रसिद्ध शेरवुड कॉलेज के 156वें संस्थापक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
- राजभवन प्रवास: अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति नैनीताल स्थित राजभवन में रुकेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
उपराष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने नैनीताल को किले में तब्दील कर दिया है:
- भारी पुलिस बल की तैनाती: सुरक्षा व्यवस्था के लिए 400 से अधिक पुलिसकर्मी, 7 IPS अधिकारी, 12 CO और 40 इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
- विशेष दस्ते: पीएसी (PAC) की तीन कंपनियां और पैरामिलिट्री फोर्स की एक कंपनी तैनात की गई है। साथ ही इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), ATS और ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है।
ट्रैफिक प्लान और रूट डायवर्जन
दौरे के मद्देनजर पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात में बदलाव किया है:
- वीवीआईपी (VVIP) रूट: हल्द्वानी से नैनीताल आने वाले वीवीआईपी रूट पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
- डायवर्जन: पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले वाहनों को कालाढूंगी-रामनगर मार्ग से भेजने का प्लान है ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने।
- स्थानीय लोगों के लिए सलाह: पुलिस ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए जारी की गई ट्रैफिक एडवायजरी का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
अधिकारियों का निरीक्षण
उपराष्ट्रपति के आगमन से पहले आईजी (IG) नीलेश आनंद भरणे और जिलाधिकारी ने कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की है। शहर की सड़कों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम भी अंतिम चरण में है।
