उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस साल रिकॉर्ड तोड़ रही है। यात्रा शुरू होने के मात्र 45 दिनों के भीतर, चारों धामों (केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) और हेमकुंड साहिब को मिलाकर 28 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख केदारनाथ धाम है, जहां दर्शन करने वालों का आंकड़ा 10 लाख पार कर गया है।

मुख्य बिंदु:
- रिकॉर्ड संख्या: इस साल की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बीते वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। 45 दिनों में 28 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
- केदारनाथ का जलवा: केदारनाथ धाम श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र बना हुआ है। यहां अब तक 10 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
- दैनिक आंकड़ा: औसतन हर दिन 70 हजार से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं।
- अन्य धामों की स्थिति:
- बदरीनाथ: 7.80 लाख
- गंगोत्री: 4.53 लाख
- यमुनोत्री: 4.50 लाख
- हेमकुंड साहिब: 95,700

- यात्रा की शुरुआत: चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को हुआ था।
- पंजीकरण: अब तक 42 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें से 28 लाख से ज्यादा दर्शन कर चुके हैं। कई केंद्रों पर एक दिन में 28 हजार तक पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।
- चुनौतियां और व्यवस्थाएं: मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिला प्रशासन भी सक्रिय है।
- नए नियम: यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए केदारनाथ धाम में “टोकन सिस्टम” लागू किया गया है। इसके तहत श्रद्धालुओं को टोकन दिया जाता है जिसमें दर्शन का समय और नंबर लिखा होता है, जिससे घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं, खासकर मंदिर परिसर में रील्स बनाने पर जुर्माना लग सकता है।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि चारधाम यात्रा के प्रति भक्तों की आस्था लगातार बढ़ रही है और उत्तराखंड पर्यटन के लिए यह एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हो रहा है।
