जब जाग उठी आत्मा
एक गर्ल्स स्कूल में एक सुबह 9 बजते ही सभी छात्राओ से स्कूल भर गया भर गया हमेशा की तरह उस सभी छात्राए प्रार्थना मैदान में एकत्र होकर माँ सरस्वती की वंदना के साथ राष्टीयगान गाने लगी सब कुछ और दिन की तरह ही हो रहा था पर किसी को क्या पता था कि आज उस विद्यालय में कुछ ऐसा होगा जो इस से पहले कभी नहीं हुआ था और ना ही जिसकी किसी ने कभी कोई कल्पना कि हो।
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प्रार्थना मैदान में कुछ लड़किया अचानक चिल्लाने लगी कुछ रोने लगी कुछ जैसे कि गश खा कर नीचे गिराने लगी स्कूल प्रशासन के हाथ पाँव फूल गए , जैसे जैसे समय बीतता गया माहौल और भयावह होता गया इन सब के सामने स्कूल प्रशासन लाचार नज़र आया वो कुछ करना तो चाहते तो मगर क्या करे?

आनन् फानन में लड़कियों के अभिभावकों को स्कूल में बुलाया गया पर जब तक वो स्कूल आ पते तब तक एक अजीब घटना और हो गयी स्कूल की ठीक बगल पर एक आवासीय मकान था जहाँ एक महिला अपने घर में दैनिक कार्य कर रहो थी , अचानक वो महिला स्कूल परिसर में आ गयी और जैसे उन बाकिकाओ से संवाद करने लगी और ऐसा लगा की जैसे यह स्थिति कुछ हद तक तक नियंत्रण में आ रही हो , तब तक वहाँ अभिभावक भी स्कूल में पहुंच गए , प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वो महिला देवी के अवतार में थी फिर उस महिला ने बताया क्या था यह पूरा माज़रा

कई दशक पहले राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज गौचर (चमोली ) में एक बालिका पड़ा करती थी उसने किसी कारणवश इस विद्यालय के एक कमरे में आत्महत्या कर ली थी, उस छात्रा की आत्महत्या के बाद उसकी आत्मा पुरे स्कूल परिषर में घूमने लगी कई लोगो को उसकी मौजूदगी का अहसास होने लगा और कुछ असाधारण घटना भी घटने लगी थी एक पूर्व छात्रा ने हमे बताया की अक्सर उस कमरे में जाने में अजब सा भय लगता था ऐसा लगता था की वहाँ कोई है और उनको देख रहा है उस कमरे में अकेले जाने की हिम्मत कोई भी जुटा पता था। जब इस प्रकार की घटना ज्यादा बढ़ने लगी तो स्कूल ने किसी जानकर पंडित को बुलाकर उस आत्मा के किसी प्रतीक को जमीन में गाड़ लिया फिर कई सालो तक कोई भी असाधारण गतिविधि वहाँ नहीं हुई पर ……..

…..फिर आया 2024 और इस साल यहाँ विद्यालय की बिल्डिंग में कुछ निर्माण कार्य करवाया जा रहा था उसी निर्माण कार्य में फर्श पर टाइल्स लगनी थी , टाइल्स लगाने के लिए जैसे ही पुराने फर्श को तोडा गया उसके नीचे आत्मा का जो प्रतीक था वो खुदाई में बहार आ गया और आत्मा जाग उठी जिस कारण उस सुबह ये सारी घटना हुई , उसके बाद अध्यापक – अभिभावक के बीच एक बैठक हुई और उस लड़की के नाम का एक छोटा मंदिर बनाया गया और उस आत्मा को शांत किया गया उसके बाद अब वहाँ पूर्ण रूप से शांति है और अब बालिकाए सही ढंग से अपनी पढ़ाई उस विद्यालय में कर रही हैं
