बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को होंगे शीतकाल के लिए बंद
उत्तराखंड के चारधामों में से एक, श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 25 नवंबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय विजयदशमी के दिन पंचांग गणना के आधार पर लिया गया।

पंच पूजा की शुरुआत:
कपाट बंदी की प्रक्रिया 21 नवंबर से पंच पूजा के साथ शुरू होगी, जिसमें भगवान गणेश की पूजा, आदि केदारेश्वर और शंकराचार्य मंदिरों के कपाट बंद करना, और देवी लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित करना शामिल है। अंतिम चरण में, 25 नवंबर को दोपहर 2:56 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

शीतकालीन प्रवास:
कपाट बंद होने के बाद, भगवान बदरी विशाल की मूर्ति और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी को जोशीमठ के नरसिंह मंदिर और पांडुकेश्वर में उनके शीतकालीन निवास स्थानों पर ले जाया जाएगा, जहां छह महीने तक पूजा-अर्चना जारी रहेगी।
अन्य धामों की कपाट बंदी:
केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे।
गंगोत्री के कपाट 22 अक्टूबर को बंद होंगे।
मध्यमहेश्वर के कपाट 18 नवंबर को बंद होंगे।
तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को बंद होंगे।
