
हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक दुखद हादसा हो गया, जहां भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वह स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। यह घटना सुबह के समय हुई जब मंदिर में दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु लाइन में लगे थे। रविवार होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भगदड़ मंदिर की सीढ़ियों या संकरे रास्ते पर हुई, जो आम तौर पर भीड़ प्रबंधन के दौरान सावधानीपूर्वक संभाले जाते हैं।

घायलों को तत्काल एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस और बचावकर्मी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण भारी भीड़ का जमावड़ा था। मनसा देवी मंदिर हरिद्वार के पांच पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है और यह शिवालिक पहाड़ियों पर 500 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई और संकरे रास्ते हैं, जो भीड़भाड़ की स्थिति में जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल, घटना की जांच जारी है और प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि भीड़ प्रबंधन में कहां चूक हुई। इस दुखद घटना ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
