पंच बदरी सीरीज (2 – आदि बद्री )

हमने पंच बदरी सीरीज के पहले अध्याय में बद्रीनाथ के बारे चर्चा की थी बद्रीनाथ जो कि जो कि चार धामों में से एक है इसलिए आमतौर पर बद्रीनाथ के सम्बन्ध में सामान्य जानकरी सभी को होती है , इसी पंच बदरी सीरीज में आज हम आदि बद्री के बारे में पड़ेगे ऐसा हो सकता है कि बद्रीनाथ के अलावा इन चार बदरी के बारे में लोगो के पास कम जानकारी हो पर उत्तराखंड मंथन कोशिश करेगा कि आपको हर पहलु से रु-ब-रु करवा सके।

आदि बद्री मंदिरो का एक समूह है आदि बद्री चमोली जनपद में है कर्णप्रयाग से 17 किमी कि दुरी पर एक ऐतिहासिक स्थान हैं चांदपुर गड़ी यहाँ से महज तीन किमी कि दुरी पर है आदि बद्री है मान्यता के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवो ने किया था यह भी मान्यता है कि 8 वी शदी में इसका निर्माण शंकरचार्य ने किया था मगर भारतीय पुरातात्विक का कथन कुछ और ही है उनके अनुसार इसका निर्माण 8 वी से 11 वी शताब्दी के मध्य कत्यूरी राजाओ के द्वारा किया गया था मूल रूप से इस समूह में 16 मंदिर थे जिसमे से अब 14 ही बचे हुए हैं।

इन मंदिरो में सबसे प्रमुख मंदिर विष्णु भगवान का है यह मंदिर आकर में बड़ा है इस स्थान भगवान विष्णु का प्रथम तीर्थ भी माना जाता है इस मंदिर समूह में सबसे छोटा मंदिर गरुड़ का है गरुड़ को विष्णु का वाहन माना जाता है इस समूह में अन्नपूर्णा , लक्मी, कुबेर , राम लक्षमण सीता, शिव गोरी , शंकर , हनुमान को समर्पित मंदिर हैं | यह पर्यटन की दृस्टि से बहुत ही सुन्दर स्थान है यहाँ पर कई फिल्मो कई सूटिंग भी हो चुकी हैं
