
उत्तराखंड की सिलक्यांरा सुरंग में ४१ मजदुर 17 दिनों से फसे हैं उनको बचने के लिए हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है लेकिन लगातार अवरुद्ध के कारण प्रशासन के हाथ पाँव फूल रहे हैं जितने भी प्रयास किये जा रहे रहे हैं वो प्रतिफक के रूप में बस इंतज़ार ही हाथ लग रहा है। सुरंग के अंदर मजदुर इस उम्मीद में हैं की शायद अभी शायद आज ही वो अपने परिजनों के बीच होंगे पर उनका भी सब्र का इंतहान चल रहा है। राहत कार्य में जीतनी मशीनों का प्रयोग किया वो एक एक क्र कर के टूट रही हैं या खराप हो रही है मशीनों की ब्लेट , क़तर टूट रहे हैं अन्य तकनिकी खराबी भी आ चुकी है। अब सेना ने भी अपने स्तर पर मोर्चा संभाला है और मेनुअल तरीके से भी खुदाई की विकल्प पर कार्य किया जा रहा है। लेकिन इन सब से बढ़कर चुनौती जो है जिससे रहत कार्य पर बड़ा प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और वो है मौसम की मार उत्तराखंड में मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटो में राज्य में बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है विशेषज्ञों की माने तो यह सबसे बड़ी चुनौती होगी। जिससे रहत कार्य पुरे तरीके से प्रभावित होगा , हम सब बस उम्मीद और प्रार्थना कर सकते हैं कि सभी मजदुर जल्द से जल्द सकुसल सुरंग से बहार आ जाये
