पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू का नाम क्रिकेट जगत में आज भी उनके दमदार शॉट्स और खास अंदाज़ के लिए लिया जाता है। पाटियाला में 1963 में जन्मे सिद्धू ने 1983 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और जल्द ही टीम इंडिया के लिए भरोसेमंद ओपनर के रूप में पहचान बनाई। दायें हाथ के बल्लेबाज़ सिद्धू अपने लंबे छक्कों के लिए मशहूर रहे और इसी वजह से उन्हें “सिक्सर सिद्धू” कहा जाने लगा।

सिद्धू ने भारत के लिए 51 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 9 शतक और 15 अर्धशतक की मदद से 3,200 से अधिक रन बनाए। वनडे प्रारूप में उनका प्रदर्शन और भी प्रभावशाली रहा, जहाँ उन्होंने 136 मुकाबलों में 4,400 से ज्यादा रन जोड़े, जिनमें 6 शतक और 33 अर्धशतक शामिल हैं। 1987 और 1996 विश्व कप में उनकी पारियों ने भारतीय टीम को मजबूत आधार दिया और पाकिस्तान के खिलाफ कई यादगार मैचों में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

1999 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद सिद्धू ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा। मैदान पर बल्ले से छक्के बरसाने वाले सिद्धू ने माइक्रोफोन के पीछे अपने चुटीले अंदाज़ और कवितामयी जुमलों से दर्शकों को खूब मनोरंजन किया। क्रिकेट को उन्होंने सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक उत्सव की तरह प्रस्तुत किया।
