देहरादून में होली के अवसर पर पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए हाई अलर्ट का मुख्य उद्देश्य त्योहार को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बाधा मुक्त बनाना है। जिलाधिकारी सविन बंसल और पुलिस प्रशासन द्वारा उठाए गए विस्तृत कदम निम्नलिखित हैं:


1. हानिकारक रंगों के खिलाफ तीन-चरणीय अभियान
जिला प्रशासन ने हानिकारक और रसायन युक्त रंगों की बिक्री रोकने के लिए तीन चरणों में निगरानी की योजना बनाई है:
- बाजारों की जांच: सबसे पहले बाजारों में बिक रहे रंगों के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनमें खतरनाक केमिकल्स (जैसे लेड या कांच का पाउडर) न हों.
- हर्बल रंगों को बढ़ावा: प्रशासन लोगों को केवल हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
- सख्त कार्रवाई: यदि कोई दुकानदार हानिकारक रंग बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

2. ट्रैफिक मैनेजमेंट और हुड़दंगियों पर लगाम
शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति से निपटने और सुरक्षा के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की है:
- शराब पीकर वाहन चलाने पर रोक: होली के दिन ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ (शराब पीकर गाड़ी चलाना) करने वालों पर नजर रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर ब्रीथ एनालाइजर के साथ चेकिंग की जाएगी.
- स्टंट और ट्रिपल राइडिंग: दुपहिया वाहनों पर स्टंट करने, तीन सवारी बैठाने या बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी.
- अतिरिक्त पुलिस बल: भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
3. सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सख्त SOP (मानक संचालन प्रक्रिया)
पुलिस प्रशासन ने कुछ कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- जबरदस्ती रंग लगाने पर पाबंदी: किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसे रंग लगाने या पानी के गुब्बारे फेंकने पर कानूनी कार्रवाई (BNS की धाराओं के तहत) हो सकती है.
- हॉस्टल और शिक्षण संस्थान: बाहरी व्यक्तियों का हॉस्टलों में प्रवेश सीमित रहेगा और कैंपस के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी.
- तेज संगीत और हुड़दंग: सार्वजनिक स्थानों पर तेज संगीत (लाउडस्पीकर) बजाने और हुड़दंग करने वालों को हिरासत में लेकर हवालात में होली मनवाने की चेतावनी दी गई है.
4. स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं
- होली के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए दून अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है.
- आंखों और त्वचा की एलर्जी से बचने के लिए डॉक्टरों ने बचाव के उपाय (जैसे नारियल तेल लगाना) अपनाने की सलाह दी है.
