
देहरादून/रुड़की: राज्य जीएसटी विभाग ने देहरादून और रुड़की में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 14 फर्मों पर छापा मारा है। इस व्यापक छापेमारी अभियान के दौरान विभाग ने करीब छह करोड़ रुपये की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी का खुलासा किया है। विभाग की इस कार्रवाई से जीएसटी चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी विभाग को लंबे समय से इन फर्मों द्वारा टैक्स चोरी किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। पुख्ता खुफिया जानकारी जुटाने के बाद, विभाग ने मंगलवार सुबह देहरादून और रुड़की के विभिन्न इलाकों में स्थित इन 14 फर्मों पर एक साथ छापेमारी की। विभाग के अधिकारियों की कई टीमों ने सुबह से ही इन फर्मों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और गोदामों में दबिश दी। छापेमारी के दौरान, टीमों ने इन फर्मों के खातों, बिलों, स्टॉक रजिस्टरों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहनता से जांच की। प्रारंभिक जांच में ही अनियमितताएं और संदिग्ध लेनदेन सामने आने लगे। बताया जा रहा है कि इन फर्मों द्वारा फर्जी बिलिंग, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से दावा करने और वास्तविक बिक्री को छुपाने जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर जीएसटी चोरी की जा रही थी। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह टैक्स चोरी काफी समय से चल रही थी और इससे सरकार को बड़े राजस्व का नुकसान हो रहा था। छापेमारी के दौरान, कुछ फर्मों के परिसर से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। विभाग का अनुमान है कि यह छह करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का आंकड़ा अभी शुरुआती है और जांच पूरी होने के बाद यह राशि और बढ़ सकती है।

इस कार्रवाई से यह संदेश साफ हो गया है कि जीएसटी विभाग टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा ताकि ईमानदारी से टैक्स देने वाले व्यापारियों को किसी तरह का नुकसान न हो और राजस्व की चोरी को रोका जा सके। फिलहाल, सभी 14 फर्मों के खिलाफ जीएसटी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा इन फर्मों से चोरी की गई राशि की वसूली के साथ-साथ उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस कार्रवाई से देहरादून और रुड़की के कारोबारी जगत में एक बार फिर जीएसटी अनुपालन को लेकर गंभीरता देखने को मिल रही है।
