दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यह जल्द ही आम जनता के लिए खुलने वाला है, जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच की यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

खुलने की संभावित तारीख
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का बचा हुआ हिस्सा जुलाई और अगस्त 2025 के बीच पूरा होने और जनता के लिए चालू होने की उम्मीद है। कुछ रिपोर्ट्स में जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके उद्घाटन की संभावना भी जताई गई है।

एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषताएं और लाभ
- कम यात्रा समय: यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से देहरादून के बीच की यात्रा को मौजूदा 6-7 घंटे से घटाकर महज 2.5 से 3 घंटे कर देगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
- कुल लंबाई और लागत: यह 210 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसके निर्माण पर अनुमानित 13,000 करोड़ रुपये की लागत आई है।
- आधुनिक कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे दिल्ली को बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों से जोड़ेगा और उत्तराखंड में देहरादून तक पहुंचेगा।
- लेन की संख्या: दिल्ली-गाजियाबाद सेक्शन 12 लेन का होगा, जबकि शेष एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा।
- एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव गलियारा: इस एक्सप्रेसवे की एक प्रमुख विशेषता राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के ऊपर 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वन्यजीव गलियारा है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए यातायात को सुगम बनाएगा।
- यात्रियों के लिए सुविधाएं: एक्सप्रेसवे के हर 25-30 किलोमीटर की दूरी पर यात्रियों के लिए सुविधाएं जैसे रुकने की जगह, खाने-पीने की व्यवस्था और शौचालय उपलब्ध होंगे।
- सुरक्षित यात्रा: यह एक्सप्रेसवे सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड भी शामिल हैं।
- पर्यटन को बढ़ावा: इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से देहरादून के साथ-साथ मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
- आपातकालीन सेवाएं: एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए मुफ्त एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध होगी।
यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी के बीच आवागमन को बेहद सुविधाजनक बना देगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी
