योद्धाओं की परंपरा से जुड़ा है कुमाऊँ का छोलिया नृत्य
छोलिया नृत्य: कुमाऊँ की सांस्कृतिक पहचान छोलिया नृत्य, उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र का एक बेहद पुराना, लोकप्रिय और ओजपूर्ण लोक नृत्य है. यह नृत्य कुमाऊँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और…
छोलिया नृत्य: कुमाऊँ की सांस्कृतिक पहचान छोलिया नृत्य, उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र का एक बेहद पुराना, लोकप्रिय और ओजपूर्ण लोक नृत्य है. यह नृत्य कुमाऊँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और…
देहरादून की सड़कों पर थम गया तांगे का सफर देहरादून की सड़कों से तांगे का सफर अब गुजरे जमाने की बात हो गई है. कभी शहर की पहचान रहे तांगे…
माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के एक महान योद्धा, सेनापति और कुशल इंजीनियर थे। उनकी कहानी बहादुरी, त्याग और अपने लोगों के प्रति समर्पण की मिसाल है। प्रारंभिक…
सिंगोरी: उत्तराखंड की अनोखी स्वाद यात्रा उत्तराखंड के महान गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने 80 के दशक में टिहरी डैम पर एक गाना बनाया था जिसमे उन्होंने बड़ा ही मार्मिक…
उत्तराखंड का पारंपरिक आभूषण: गुलोबंद उत्तराखंड, जिसे “देवभूमि” के नाम से भी जाना जाता है, अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है. यहां के पारंपरिक परिधानों और आभूषणों…
माणा गांव: भारत का “पहला” या “अंतिम” गांव? उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित माणा गांव (Mana Village) अपनी अनूठी पहचान को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है. यह गांव भारत-चीन सीमा…
1 उदक कुंड (अमृत कुंड) केदारनाथ मंदिर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित यह कुंड मंदिर के मुख्य आस्था पथ पर है। इसे अमृत कुंड भी कहा…
मुनस्यारी, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है, जिसे अक्सर “उत्तराखंड का मिनी कश्मीर” कहा जाता है. यह ऊंचे पहाड़ों, हरे-भरे जंगलों और…
बद्रीनाथ एक ऐसा पवित्र और मनोरम धार्मिक स्थल है जहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु और प्रकृति प्रेमी पहुंचते हैं. भगवान विष्णु को समर्पित यह स्थान अपनी अलौकिक सुंदरता और आध्यात्मिक…
नौकुचियाताल, जिसे “नौ कोनों वाली झील” के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक खूबसूरत झील है। यह नैनीताल से लगभग 26 किलोमीटर…