
सी.के. नायडू भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। उनके जीवन और करियर के कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं पहले टेस्ट कप्तान वह टेस्ट मैचों में भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान होने का गौरव रखते हैं। एक क्रिकेट दिग्गज उन्हें भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक माना जाता है। उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर उल्लेखनीय रूप से लंबा था, जो 47 वर्षों तक चला। उन्हें 1933 में विजडन क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर में से एक नामित किया गया था।

1956 में, वह पद्म भूषण, भारत में एक प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले क्रिकेटर बने। भारतीय क्रिकेट पर प्रभाव: उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और शक्तिशाली छक्के मारने की क्षमता ने उन्हें एक लोकप्रिय व्यक्ति बना दिया। उन्होंने भारत में क्रिकेट के विकास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके सम्मान में सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड की स्थापना की है। बीसीसीआई के पास कर्नल सी.के. नायडू ट्रॉफी भी है, जो एक घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट है। सी.के. नायडू सिर्फ एक क्रिकेटर से कहीं अधिक थे; वह एक अग्रणी थे जिन्होंने भारत में खेल पर एक स्थायी छाप छोड़ी। सी.के. नायडू भारतीय क्रिकेट के लिए एक मिसाल कायम करने वाले व्यक्ति थे।
