क्रिकेट का पहला विश्व कप 1975 में इंग्लैंड में खेला गया था, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रुडेंशियल कप कहा जाता है। यह वनडे क्रिकेट के इतिहास का पहला बड़ा टूर्नामेंट था।
यह टूर्नामेंट 7 जून से 21 जून तक चला, जिसमें 8 टीमों ने हिस्सा लिया था:

* इंग्लैंड
* ऑस्ट्रेलिया
* वेस्टइंडीज
* भारत
* न्यूजीलैंड
* पाकिस्तान
* श्रीलंका
* ईस्ट अफ्रीका
टूर्नामेंट में सभी मैच 60 ओवर के होते थे। वेस्टइंडीज ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 17 रनों से हराकर पहला विश्व कप जीता था।
पहले विश्व कप में भारत की स्थिति

पहले विश्व कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था। उस समय वनडे क्रिकेट भारत में नया था और टीम इस फॉर्मेट से बहुत ज्यादा परिचित नहीं थी। भारतीय टीम का नेतृत्व एस. वेंकटराघवन कर रहे थे।
भारत को ग्रुप ए में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ईस्ट अफ्रीका के साथ रखा गया था।
* पहला मैच (इंग्लैंड के खिलाफ): भारत का पहला मैच मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ था। इस मैच में इंग्लैंड ने 60 ओवर में 334 रन का विशाल स्कोर बनाया। जवाब में, भारतीय टीम पूरे 60 ओवर खेलकर सिर्फ 132 रन ही बना सकी, जिसमें सुनील गावस्कर ने 174 गेंदों पर सिर्फ 36 रन बनाए थे। इस धीमी पारी की वजह से भारत को 202 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
* दूसरा मैच (ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ): भारत ने अपना एकमात्र मैच ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीता। इस मैच में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्ट अफ्रीका को सिर्फ 120 रनों पर आउट कर दिया था।
* तीसरा मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ): इस मैच में भारत को न्यूजीलैंड से 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा और टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई।
कुल मिलाकर, भारत ने इस विश्व कप में 3 में से सिर्फ 1 मैच जीता और ग्रुप स्टेज में तीसरे स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। हालांकि, इस टूर्नामेंट से मिले अनुभव ने भारतीय टीम को भविष्य के लिए तैयार किया, जिसका असर 1983 के विश्व कप में देखने को मिला, जब भारत ने कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था।
