पंच प्रयाग सीरीज ( 4 – रुद्रप्रयाग )

उत्तराखंड मंथन आपको उत्तराखंड के पांच प्रयागो के बारे में बता रहा है आज हम यहाँ चौथे प्रयाग के बारे में जानगे कुछ खाश बाते , इसके अंतर्गत हम आज रुद्रप्रयाग के बारे में बात करेंगे रुद्रप्रयाग वो शहर जहा से श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ के लिए मार्ग पृथक हो जाते हैं , भगवान शिव के नाम पर यहाँ का नाम रुद्रप्रयाग पड़ा है रुद्रप्रयाग अपने आप में एक जिला भी है जिसका जन्म 1997 में हुआ था इससे पहले यह जनपद चमोली में आता था। रुद्रप्रयाग का जितना महत्व पर्यटन , प्रशासन , और धार्मिक नज़रिये से है उतना ही इसका महत्व इसलिए भी बाद जाता है यहाँ पर एक पवित्र संगम भी है।

रुद्रप्रयाग में जिन दो नदियों का संगम है वो नदिया हैं अलकनंदा और मंदाकनी , मंदाकनी नदी की उत्पति केदारनाथ के चोराबड़ी गिलेशर से होती है यह अनेक नगरों से गुजरते हुए रुद्रप्रयाग में अलकनदा नदी से मिलकर संगम का निर्माण करती है जो यह से आगे अलकनंदा के नाम से ही जानी जाती है फिर अलकनदा का एक और संगम होता है देवप्रयाग में जिसके बारे में हम अगले अंक में जानकारी प्रदान करेंगे
