गुमनामी के अंधेरो में कही खो गया नील जॉन्सन…

अगर आप क्रिकेट प्रेमी है और नील जॉन्सन को नहीं जानते तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्युकी नील का क्रिकेटिंग करियर जितनी तेजी से आसमान की बुलंदिया में पंहुचा उतनी तेज़ी से वो धरती पर गिरे और फिर गुमनामी के अंधेरो में ऐसे खोये की अपनी पहचान के लिए ही संघर्ष करता रहा ये नांम।

नील जॉन्सन जिम्बाबे के भूतपूर्व क्रिकेट खिलाडी थे जिन्होंने बहुत ही धमाकेदार शुरुवात की थी, जो कि बाए हाथ के प्रारंभिक बल्लेबाज़ थे जो लम्बी पारी खेलने का हुनर अपने आप में रखते थे उनकी शुरुवाती बल्लेबाज़ी कि आधार पर जिम्बाबे ने कई मैचों में शानदार प्रदर्शन किया , इसके अलावा वो दाये हाथ के प्रारभिक तेज़ गेंदबाज़ भी थे जो कि किसी बल्लेबाज़ को अपनी गेदो से परेशान कर सकते थे, कई क्रिकेट पंडितो ने तो उनको जैक कैलिस का उत्तराधिकारी तक कह डाला था।

जब 1999 के विश्व कप में नील ने अपना खेल दिखाया तो ये लॉस कुलूसनर के बाद दूसरे नंबर के आलराउंडर थे जिन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया , इतने हुनरवान होने क्व बावजूद नील अपने करियर में 48 एकदिवसीय और 13 टेस्ट मैच ही खेल पाए , उन्होंने टेस्ट में एक और वनडे में चार शतक लगाए। नील के छोटे करियर को देखकर लगता है कि सफलता पाना और सफलता पर टिके रहना दोनों ही बाते अलग अलग हैं , एक बेहतरीन शुरुवात के बाद नील कही गुमनामी के अंधेरो में खो गए……..
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UPENDRA PANWAR
