देहरादून, [आज की तारीख]:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहली औपचारिक बैठक थी, जिसमें शामिल हुए पाँच नए मंत्रियों का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इस बैठक में राज्य के विकास, आगामी चारधाम यात्रा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई बड़े नीतिगत फैसले लिए गए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहली औपचारिक बैठक थी, जिसमें शामिल हुए पाँच नए मंत्रियों का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इस बैठक में राज्य के विकास, आगामी चारधाम यात्रा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई बड़े नीतिगत फैसले लिए गए।

1. चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के लिए हाई-टेक इंतजाम
बैठक का मुख्य केंद्र आगामी चारधाम यात्रा रही। सरकार ने इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई है।
- पंजीकरण अनिवार्य: भीड़ नियंत्रण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण को और अधिक सुगम और अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया गया।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: केदारनाथ और यमुनोत्री पैदल मार्ग पर ‘एयर एम्बुलेंस’ और अतिरिक्त मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) तैनात करने के निर्देश दिए गए।
- परिवहन: यात्रा मार्ग पर सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।

2. शिक्षा और स्वास्थ्य नीति में सुधार
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी:
- स्मार्ट क्लासेस: दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए बजट का प्रावधान किया गया।
- डॉक्टरों की तैनाती: पहाड़ी जिलों के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए ‘अटैचमेंट’ प्रक्रिया को सख्त करने और प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
3. नए मंत्रियों की सक्रिय भूमिका
मंत्रिमंडल में शामिल हुए पांच नए मंत्रियों को उनके विभागों के अनुसार तत्काल कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए गए। सूत्रों के मुताबिक, सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि ‘प्रो-पीपल’ (जनहित) शासन ही सरकार की प्राथमिकता है और सभी मंत्रियों को अपने क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर फीडबैक लेने को कहा गया है।
4. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- पेयजल और स्वच्छता: देहरादून और अन्य शहरों में सुसवा और गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ड्रेनेज और सीवरेज प्रोजेक्ट्स पर काम तेज करने की मंजूरी दी गई।
- रोजगार: युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की गई और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया को पेपरलेस (डिजिटल) बनाने पर सहमति बनी।
