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ऋषिकेश का चोटीवाला स्वाद, संस्कृति और आस्था का 60 साल पुराना संगम -

धार्मिक नगरी ऋषिकेश यूँ तो योग, साधना और गंगा आरती के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यहाँ का एक पारंपरिक रेस्टोरेंट “चोटीवाला” भी वर्षों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लगभग 1958 में स्थापित चोटीवाला आज 60 वर्षों से अधिक समय से ऋषिकेश की पहचान का हिस्सा बना हुआ है।

इतिहास और पहचान

चोटीवाला रेस्टोरेंट की शुरुआत एक छोटे से भोजनालय के रूप में हुई थी, जो समय के साथ-साथ ऋषिकेश का एक लैंडमार्क बन गया। स्वर्ग आश्रम और राम झूला क्षेत्र के पास स्थित यह रेस्टोरेंट तीर्थयात्रियों और सैलानियों की पहली पसंद माना जाता है।
रेस्टोरेंट के बाहर बैठा पारंपरिक ‘चोटी’ वाला व्यक्ति, जो साधु के वेश में दिखाई देता है, इसकी सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। पर्यटक उसके साथ फोटो खिंचवाना नहीं भूलते, जिससे यह स्थान सोशल मीडिया पर भी खासा चर्चित रहता है।

शुद्ध शाकाहारी भोजन की खासियत

चोटीवाला मुख्य रूप से शुद्ध शाकाहारी भोजन के लिए जाना जाता है। यहाँ उत्तर भारतीय थाली, दाल-चावल, सब्ज़ी-रोटी, पनीर व्यंजन और दक्षिण भारतीय भोजन तक उपलब्ध है।
विशेष रूप से वेेज थाली, दाल मखनी और नान पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। मध्यम वर्ग के बजट में आने वाला यह रेस्टोरेंट हर वर्ग के लोगों को आकर्षित करता है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान

चोटीवाला न केवल एक रेस्टोरेंट है, बल्कि यह ऋषिकेश के पर्यटन उद्योग का अहम हिस्सा बन चुका है। देश-विदेश से आने वाले सैलानी यहाँ भोजन करने जरूर पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है।

आज भी बना हुआ है आकर्षण का केंद्र

समय के साथ कई नए कैफे और रेस्टोरेंट खुलने के बावजूद चोटीवाला अपनी परंपरा, पहचान और ब्रांड वैल्यू के कारण आज भी मजबूती से टिका हुआ है।

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